🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
कोरबाछत्तीसगढ़पर्यावरणराजकाजसंगठनसमस्यासुरक्षा

कोयला उत्पादन के साथ रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ी वायु प्रदूषण, लोग परेशान

कोरबा 15 सितंबर। जिले में (एसईसीएल) की कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र में प्रमुख कोयला खदानें संचालित हैं। इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष 150 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन हो रहा है। बड़े पैमाने पर हो रहे कोयला उत्पादन के साथ ही खदानों के आसपास स्थित रिहायशी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लगातार दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

Advertisement Carousel

खदानों से निकलने वाले कोयले को रेल और सडक मार्ग के माध्यम से घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए एसईसीएल द्वारा परिवहन की व्यवस्था की गई है और आउटसोर्सिंग स्तर पर भी यह कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन तथा प्रबंधन की ओर से परिवहन के दौरान सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर खुले में परिवहन और कोयले से उडने वाली धूल की समस्या देखने को मिल रही है। हवा के संपर्क में आने से कोयले के महीन कण आसपास के वातावरण में फैल रहे हैं, जिससे रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कोयला कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की शिकायत है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
  नक्सलियों द्वारा बियर की बोतल में बनाये गये 2 आईईडी बरामद

लोगों का कहना है कि प्रदूषण के कारण होने वाली विभिन्न बीमारियों के उपचार पर उन्हें अपनी आय का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कुछ प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन लगातार प्रदूषण के संपर्क में रहने से शारीरिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि कोयला परिवहन के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। लोग चाहते हैं कि प्रशासन और ट्रेड यूनियन कम से कम कुछ तो हस्तक्षेप करें।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button