CGPSC State Service Exam 2025 : 795 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए चयनित, आयोग ने बताई वजह

रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और भ्रांतियों पर स्थिति साफ कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि साक्षात्कार के लिए 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किसी त्रुटि का परिणाम नहीं है। निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण अभ्यर्थियों की संख्या कम हुई है।
आयोग के मुताबिक राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3 (iv) और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के तहत प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य है। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। मुख्य परीक्षा में कुछ अभ्यर्थी इन न्यूनतम अर्हकारी अंकों को प्राप्त नहीं कर सके, जिसके चलते साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या निर्धारित संख्या से कम रह गई।
795 की जगह 608 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन
CGPSC ने बताया कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत कुल 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। आयोग ने साफ किया है कि कम संख्या में अभ्यर्थियों का चयन नियमों के अनुरूप हुआ है और इसमें किसी प्रकार की प्रक्रिया संबंधी त्रुटि नहीं है।
पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना नहीं होगी
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विज्ञापन की कंडिका 11 (V) के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है। ऐसे में किसी प्रश्न-पत्र की दोबारा जांच या अंकों की पुनर्गणना की प्रक्रिया नहीं की जा सकती।
वेबसाइट पर जारी होगी मेरिट सूची और कट ऑफ
आयोग के अनुसार चयन परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की मेरिट सूची और मुख्य परीक्षा की कट ऑफ आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है। अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर उत्तर पत्रक तथा मुख्य परीक्षा की प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका की प्रति भी प्राप्त कर सकते हैं।
पहचान रहित तरीके से होता है मूल्यांकन
CGPSC ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी है। आयोग के मुताबिक लिखित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाता है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार मूल्यांकन किया जाता है और पूरी प्रक्रिया पहचान रहित रखी जाती है।
इस व्यवस्था के कारण मूल्यांकन में शामिल किसी व्यक्ति के लिए यह पता लगाना संभव नहीं होता कि संबंधित उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। आयोग ने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता शामिल होते हैं। नियमों और निर्धारित निर्देशों के जरिए मूल्यांकन की गोपनीयता, निष्पक्षता और शुचिता सुनिश्चित की जाती है।
सोशल मीडिया की खबरों पर भरोसा न करने की अपील
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित भ्रामक अथवा अपुष्ट जानकारियों से प्रभावित न हों। आयोग ने कहा है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के आधार पर साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों का चिन्हांकन निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुसार किया गया है।
CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2025 : महत्वपूर्ण तथ्य
- साक्षात्कार के लिए निर्धारित संख्या : 795 अभ्यर्थी
- वास्तव में चिन्हांकित अभ्यर्थी : 608
- अनारक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम अर्हकारी अंक : 33 प्रतिशत
- आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम अर्हकारी अंक : 23 प्रतिशत
- पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्गणना का प्रावधान : नहीं
- मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार और पहचान रहित मूल्यांकन प्रक्रिया

Live Cricket Info

