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सौतेला पिता बना हैवानः अकेली पाकर बेटी से किया दुष्कर्म, अब 30 वर्ष की कैद

कोरबा 14 अगस्त। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने नाबालिग से यौन अपराध के एक मामले में आरोपी सौतेले पिता धर्मेन्द्र कुमार साहू उर्फ धन्नू को 30 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 1,500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

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विशेष सत्र प्रकरण (पॉक्सो) क्रमांक 49/2025 में यह फैसला 12 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) कोरबा की अदालत ने सुनाया। मामला मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र (थाना कोतवाली कोरबा) के अपराध क्रमांक 567/2025 से संबंधित है।

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पीडिता के वास्तविक पिता से उसकी माँ करीब 3 वर्ष पूर्व से अलग होकर सौतेले पिता आरोपी के साथ पति-पत्नी के रूप में रहती है। पीड़िता के जन्म के कुछ वर्ष बाद से ही माँ ने उसे उसके नाना-नानी के पास छोड़ दिया था। तब से पीडिता अपने नाना-नानी के घर में ही पली बढ़ी है। पीडिता की माँ और उसकी छोटी बहन कोरबा में रहते हैं, जिन्हें गर्मी की छुट्टी में नानी के घर में उसकी माँ छोड़ी थी। जुलाई 2025 में स्कूल खुलने से पीडिता की माँ अपनी दोनों बेटियों को कोरबा से लेने आयी थी। तब पीडिता बोली कि वह भी अपनी माँ के साथ में कोरबा घूमने के लिये जायेगी, तब 19 जुलाई 2025 को पीडिता अपनी माँ व दोनों बहनों के साथ कोरबा आयी। इससे पहले पीड़िता कोरबा कभी नहीं आयी थी और पीडिता ने आरोपी को पहली बार देखा था।

पीडिता और उसकी बहन किराये के मकान में अपनी मां के साथ रह रहे थे। माँ रोज सुबह 9 बजे रोजी- मजदूरी करने जाती थी व आरोपी मिस्त्री का काम करता था और रोज 10 बजे काम पर जाता था।घटना दिनाँक 02 अगस्त 2025 को भी माँ काम पर गयी थी व बहन लोग स्कूल गये थे। आरोपी धर्मेन्द्र साहू घर पर ही था। उसने सुबह 11 बजे के लगभग जबरन गलत काम किया। चिल्लाने पर पीड़िता के मुँह पर कपड़ा रख दिया था। उसने धमकाया कि अगर यह बात को किसी को बतायी तो जान से मार दूँगा। पीडिता डर के कारण किसी को नहीं बतायी। बाद में जानकारी अपनी माँ को दी। तत्पश्चात चौकी मानिकपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। धारा 65 (1), 351 (3) बीएनएस एवं 04 पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण विवेचना में लिया। आरोपी धर्मेन्द्र कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है ।

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न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (पीठासीन न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा) ने आरोपी धर्मेन्द्र कुमार साहू उर्फ धन्नु, पिता स्व. मुरित राम साहू, 43 वर्ष, मूल निवासी ग्राम सहसा, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर चाँपा हाल मुकाम- मानिकपुर डीपरापारा को दोषसिद्ध पाया।

राज्य की ओर से सुनील मिश्रा विशेष लोक अभियोजक ने मजबूत पैरवी कर पीड़िता को न्याय दिलाया। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 30 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपए अर्थदंड तथा बीएनएस की धारा 351(2) के तहत 2 वर्ष के कारावास एवं 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदण्ड की राशि भुगतान न करने पर क्रमशः 3 वर्ष व 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगताई जावेगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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