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विदाई समारोह में सुरों से सजी शाम, कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने गाया गीत

कोरबा 13 अगस्त। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पहचान आमतौर पर उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों, बैठकों और कानून-व्यवस्था से जुड़े कामों से होती है। लेकिन इन जिम्मेदारियों के पीछे एक संवेदनशील इंसान और कई बार एक कलाकार भी छिपा होता है।

कोरबा में आयोजित एक विदाई समारोह के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों का ऐसा ही दिल छू लेने वाला अंदाज देखने को मिला। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश नाग की विदाई के अवसर पर आयोजित समारोह में उस समय माहौल पूरी तरह भावुक और खुशनुमा हो गया, जब कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मंच संभाल लिया।

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विदाई समारोह में दोनों अधिकारियों ने मशहूर गीत “चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना, कभी अलविदा न कहना” अपनी आवाज में प्रस्तुत किया। गीत के बोल समारोह के भावनात्मक माहौल से पूरी तरह मेल खाते नजर आए। एक तरफ अधिकारी की विदाई की उदासी थी, तो दूसरी तरफ उनके साथ बिताए गए कार्यकाल की यादें। जैसे-जैसे गीत आगे बढ़ा, समारोह में मौजूद लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया और पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा।

आमतौर पर बैठकों, निरीक्षणों और प्रशासनिक गतिविधियों में व्यस्त नजर आने वाले कलेक्टर और एसपी इस दौरान बिल्कुल अलग अंदाज में दिखाई दिए। दोनों ने एक अधिकारी के विदाई समारोह को अपने गीत के जरिए यादगार बना दिया। यह पल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक टीम के बीच बने आत्मीय रिश्तों और साथ काम करने के दौरान साझा की गई यादों की खूबसूरत झलक भी दिखी।

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आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की जिंदगी बेहद व्यस्त होती है। सुबह से देर शाम तक बैठकों, निरीक्षणों, कानून-व्यवस्था और जनसेवा से जुड़ी जिम्मेदारियों के बीच निजी रुचियों के लिए समय निकालना आसान नहीं होता। ऐसे में विदाई जैसे अवसर अधिकारियों को औपचारिक जिम्मेदारियों से कुछ पल दूर होकर सहज होने का मौका देते हैं।

कोरबा के इस समारोह में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। कलेक्टर और एसपी ने अपने सुरों के जरिए यह संदेश दिया कि पद और जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, अधिकारी एक जगह से दूसरी जगह जा सकते हैं, लेकिन साथ बिताए अच्छे पल और उनसे जुड़ी यादें हमेशा दिल में बनी रहती हैं। विदाई की उस शाम सुरों में भावनाएं थीं, आंखों में यादें थीं और माहौल में अपनापन। यही वजह रही कि कलेक्टर और एसपी का यह अंदाज समारोह में मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया।

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