
कोरबा, 3 अक्टूबर। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा आज रायपुर, छत्तीसगढ़ स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में वित्त वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन के आधार पर कोयला एवं लिग्नाइट खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली देश की कुल 50 पांच सितारा खदानों को सम्मानित किया गया। इनमें 15 भूमिगत तथा 35 ओपनकास्ट खदानें शामिल हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से सुरक्षित, कुशल, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल खनन की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली खदानों के योगदान को मान्यता दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने पुरस्कार वितरित किए। पुरस्कार वितरण के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने कोयला क्षेत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षित खनन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिम्मेदार एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय के अपर सचिव श्री सनोज कुमार झा, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री बी. साईराम, कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ), नई दिल्ली के कोयला नियंत्रक श्री सतीश कुमार सहित कोयला मंत्रालय एवं विभिन्न कोयला कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की पाँच खदानों को पांच सितारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें भूमिगत श्रेणी में बंगवार, खैराहा, बहेराबांध एवं विजय वेस्ट खदान तथा ओपनकास्ट श्रेणी में जगन्नाथपुर खदान शामिल हैं। चार भूमिगत एवं एक ओपनकास्ट खदान को मिला यह सम्मान सुरक्षित खनन, परिचालन दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति एसईसीएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। छत्तीसगढ़ में संचालित अन्य पुरस्कृत खदानों में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की गेरे पेलमा सेक्टर- कोल माइन तथा पारसा केंटे कोलियरीज लिमिटेड की पारसा ईस्ट एंड कांटा बासन ओपनकास्ट कोल माइन भी शामिल हैं।

Live Cricket Info
