वेदांता पावर प्लांट मामला हाईकोर्ट पहुंचा: भू-विस्थापितों ने अनिल अग्रवाल समेत 4 पक्षों पर दायर की अवमानना याचिका

वेदांता पावर प्लांट मामला हाईकोर्ट पहुंचा: भू-विस्थापितों ने अनिल अग्रवाल समेत 4 पक्षों पर दायर की अवमानना याचिका

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट से जुड़े भू-विस्थापितों ने पुनर्वास लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए बड़ा कानूनी कदम उठाया है। हाईकोर्ट के आदेश के कथित पालन न होने पर प्रभावित परिवारों ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में अनिल अग्रवाल समेत चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।

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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत पात्र भू-विस्थापित परिवारों को न तो नियमानुसार भत्ता दिया गया और न ही अन्य निर्धारित लाभ उपलब्ध कराए गए।

इन अधिकारियों को बनाया गया पक्षकार

अवमानना याचिका में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो तथा डभरा एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है।

2008 में अधिग्रहित हुई थी 1,000 एकड़ जमीन

मामला सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित उस पावर प्लांट से जुड़ा है, जिसे पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2008 में प्लांट की स्थापना के लिए आसपास के गांवों की करीब 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे 800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे।

भू-विस्थापितों का कहना है कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति-2007 के तहत उन्हें नौकरी या नियमानुसार भत्ता मिलना था, लेकिन आज तक इसका लाभ नहीं दिया गया।

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2022 में वेदांता ने संभाला प्लांट

याचिका के अनुसार, प्लांट का संचालन 2013 में शुरू हुआ, लेकिन 2016 में वित्तीय संकट के कारण बंद हो गया। वर्ष 2022 में वेदांता समूह ने इसका अधिग्रहण किया और 2025 में उत्पादन फिर शुरू किया। इसके बावजूद 400 से अधिक प्रभावित परिवारों को न रोजगार मिला और न ही भत्ता।

हाईकोर्ट के आदेश के पालन का आरोप

भू-विस्थापितों के अनुसार, वर्ष 2021 में 37 परिवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने समिति गठित कर प्लांट प्रबंधन को पात्र परिवारों को भत्ता देने के निर्देश दिए थे। बाद में कलेक्टर ने भी आदेश जारी किया, लेकिन आरोप है कि अब तक उसका पालन नहीं किया गया।

कलेक्टर ने क्या कहा?

सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से प्लांट प्रबंधन को नियमानुसार भत्ता भुगतान के लिए निर्देश दिए गए हैं और मामले के समाधान के प्रयास लगातार जारी हैं।

फिलहाल अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होना बाकी है। मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों को न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।

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