🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
GeneralKORBAअजब-गजबकोरबाछत्तीसगढ़बड़ी ख़बररायपुर🏙️ राज्य व शहर

सूरजपुर: जान दांव पर लगाकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम; टूटी पुलिया और उफनती नदी के बीच ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रशासन की लापरवाही की एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। प्रतापपुर तहसील के सुखदेवपुर गांव में टूटी हुई पुलिया अब सिर्फ आने-जाने की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि स्कूली बच्चों की जिंदगी के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। बच्चे रोज उफनती नदी को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

Advertisement Carousel

जान जोखिम में डाल रहे मासूम और अभिभावक

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

पीठ पर लादकर नदी पार करा रहे परिजन: बारिश के मौसम में फुलझर नदी उफान पर है। बोझा, सुखदेवपुर और चंद्रपुर जैसे गांवों के बच्चों को रोज इसी उफनती नदी को पार कर खड़गवां के स्कूल जाना पड़ता है। हालात इतने बदतर हैं कि अनहोनी के डर से कई माता-पिता अपने बच्चों को पीठ पर बैठाकर नदी पार करा रहे हैं।

खुद भी नदी तैर रहे बच्चे: कई मासूम बच्चे ऐसे भी हैं जो बिना किसी सहारे के खुद ही अपनी जान जोखिम में डालकर इस तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं।

भारी वाहनों ने तोड़ी पुल की कमर

रखरखाव का अभाव: ग्रामीणों का कहना है कि सालों तक इस पुलिया का इस्तेमाल SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के भारी कोयला परिवहन वाहनों द्वारा किया गया। लगातार भारी लोड और समय पर मेंटेनेंस न होने के कारण यह पुलिया पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी।

  स्वामित्व योजना : मंत्री टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ में वितरित किए अधिकार अभिलेख, 10 लाख कार्ड वितरण का लक्ष्य

बारिश से पहले ही टूटा संपर्क: इस साल बरसात शुरू होने से ठीक पहले ही यह पुलिया पूरी तरह से ढह गई, जिससे कई गांवों का संपर्क आपस में कट गया। यह मार्ग अंबिकापुर-प्रतापपुर रोड को सोनगरा में अंबिकापुर-बनारस रोड से जोड़ता है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

पुल टूटने की वजह से SECL को भी कोयले का परिवहन अब लंबे और दूसरे रास्तों से करना पड़ रहा है, लेकिन सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहां एक स्थायी और सुरक्षित पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button