रतनपुर भैरव जयंती महोत्सव: 152 श्रद्धालुओं की हुई जांच, सहस्त्र अर्चन में उमड़ी आस्था — आज कन्या–ब्राह्मण पूजन और विशाल भंडारा

तनपुर। श्री सिद्धतंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर परिसर में जारी नौ दिवसीय भैरव जयंती महोत्सव मंगलवार को पूरी तरह सेवा, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर नजर आया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब बना रहा। कोई स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचा तो कोई विशेष धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित होने की तैयारी में जुटा रहा। आयोजन का समापन 19 नवंबर को 151 कन्याओं और ब्राह्मणों के पूजन महाभंडारे के साथ होगा।

चार घंटे चला आयुर्वेदिक

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शिविर, 152 लोगों की जांच
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर Ayushman Arogya Mandir लखराम की आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि जितपुरे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। शिविर में आसपास के ग्रामीणों और दूरदराज़ से आए श्रद्धालुओं की ब्लड शुगर, रक्तचाप और आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से त्रिकटु काढ़ा भी वितरित किया गया। पूरे शिविर में 152 लोगों ने परामर्श लेकर लाभ उठाया।

सहस्त्र अर्चन का पवित्र अनुष्ठान सम्पन्न

शिविर के बाद श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भगवान शिव का सहस्त्र अर्चन विधिवत सम्पन्न हुआ। भक्तों ने पारंपरिक तरीके से भगवान भैरव बाबा को एक हजार बेलपत्र, एक हजार फूल, एक हजार फल और एक हजार द्रव्य (सिक्के) अर्पित कर अपनी मनोकामनाएँ व्यक्त कीं। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

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सफलता के लिए समर्पित आयोजन समिति

पूरे महोत्सव को सफल बनाने में मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य दिलीप दुबे, पं. महेश्वर पांडेय, पं. राजेंद्र दुबे, पं. कान्हा तिवारी, विक्की, राजेश्वर मिश्रा, अवस्थी और सोनू तंबोली सक्रिय रूप से जुटे रहे।

भैरव बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा
मंदिर के महंत पं. जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि इस वर्ष भैरव जयंती में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उनकी भावना अभूतपूर्व रही। उन्होंने कहा कि यज्ञ में दो लाख से अधिक आहुतियाँ दी गईं, जो भैरव बाबा के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। महोत्सव का समापन 19 नवंबर को होगा, जिसमें 151 कन्याओं और ब्राह्मणों का पूजन कर भव्य महाभंडारा आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

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