कोरबा-बालकोनगर:
किसी भी उद्योग की वास्तविक सफलता केवल उसके उत्पादन या आर्थिक आंकड़ों से नहीं, बल्कि उसके आसपास के समाज में आए सकारात्मक बदलाव से आंकी जाती है। इसी सोच के साथ भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) अपने आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत संरचना) के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बालको की इस साझी प्रगति के मॉडल से आज कोरबा के ग्रामीण अंचलों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देते हुए 12 सामुदायिक शौचालय, 2 सामुदायिक मंच और 4 भव्य सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया है। इसके साथ ही सीसी रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट और आधुनिक ‘नंद घर’ जैसी पहलों से ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने की बालको के कार्यों की सराहना
1. नेहरू नगर को मिली सर्व सुविधायुक्त भवन की सौगात
“बालको द्वारा नेहरू नगर में निर्मित सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन हमारे क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है। इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक बेहतरीन स्थान और सुविधा मिलेगी। बालको के विकास कार्य क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।”
— कृपाराम साहू (नेता प्रतिपक्ष, नगर पालिक निगम, कोरबा)
2. सोनगुढ़ा में सोलर लाइट से रोशन हुईं सड़कें, तालाबों का हुआ गहरीकरण
“एक साल पहले तक हमारे यहाँ सामाजिक कार्यक्रमों और बैठकों के लिए जगह की भारी कमी थी, लेकिन बालको द्वारा बनाए गए सामुदायिक भवन ने इस समस्या को दूर कर दिया है। इसके अलावा गांव में लगी सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटों ने रात के समय सुरक्षा बढ़ाई है। आंगनवाड़ी का जीर्णोद्धार, स्कूल की बाउंड्रीवॉल और तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्यों से हमारे गांव का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है।”
— श्रीमती लक्ष्मी सिंह तंवर (सरपंच, ग्राम पंचायत सोनगुढ़ा)
3. चूहिया में कंक्रीट (CC) सड़क से सुगम हुआ आवागमन
“बालको द्वारा गांव में सीसी सड़क के निर्माण से लोगों का आना-जाना बेहद आसान और सुगम हो गया है। इस तरह की आधारभूत सुविधाओं से ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में भारी सुधार हुआ है और सभी ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। बालको के ये प्रयास वाकई सराहनीय हैं।”
— पूजा राठिया (सरपंच, ग्राम पंचायत चूहिया)
सतत और समग्र विकास की ओर बालको के कदम
बालको प्रबंधन का मानना है कि औद्योगिक प्रगति का असली लाभ तभी सार्थक है, जब उसका सीधा फायदा स्थानीय समुदायों तक पहुंचे। इसी प्रतिबद्धता के साथ कंपनी आने वाले समय में भी सामाजिक सहभागिता को सशक्त बनाने और क्षेत्र के समग्र व सतत विकास (Sustainable Development) को गति देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बालको और स्थानीय समुदाय की यह अनूठी साझेदारी आज पूरे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विकास का एक बेहतरीन रोल मॉडल बन चुकी है।

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