कोरबा। कोरबा जिले में इन दिनों जुआ फड़ संचालकों और पुलिस के बीच शह-मात का खेल चल रहा है। कार्रवाई होने पर पुलिस को ही फंसाने और दबाव बनाने का एक चौंकाने वाला मामला हरदीबाजार थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ दो आदतन जुआरियों ने पुलिस पर बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाते हुए पानी की टंकी पर चढ़कर जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा किया और खुदकुशी की धमकी दे डाली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरदीबाजार थाना प्रभारी (TI) और आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
🚨 पानी की टंकी पर हाईवोल्टेज ड्रामा: क्या है पूरा घटनाक्रम?
दरअसल, हरदीबाजार पुलिस ने एक सटीक सूचना के आधार पर रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर को पकड़ा था। ये दोनों इलाके के नामचीन जुआ फड़ संचालक हरि साहू के लिए काम करते हैं। गिरफ्तारी के बाद इन पर धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जिसके बाद इन्हें जमानत मिल गई।
आरोप और धमकी:
जमानत पर छूटने के बाद दोनों युवकों ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना और आरक्षक गौतम पटेल ने लॉकअप में उनकी बेरहमी से पिटाई की और दोनों को मिलाकर लगभग 200 बेल्ट मारे। न्याय की मांग करते हुए दोनों युवक गांव की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए और टीआई को बर्खास्त करने की मांग करने लगे।
हड़कंप और समझाइश: टंकी पर युवकों के चढ़ने की खबर से पुलिस और प्रशासन में खलबली मच गई। मौके पर कार्यपालिक दंडाधिकारी (तहसीलदार) और भारी पुलिस बल पहुंचा। कई घंटों की मशक्कत और उचित निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद दोनों को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
🃏 नामचीन फड़ संचालक ‘हरि साहू’ का नेटवर्क आया सामने
टंकी से उतरने के बाद दोनों आरोपियों ने जिले के बड़े जुआ नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोल दिया:
हरि साहू और अनवर का सिंडिकेट: आरोपियों ने कबूला कि वे हरि साहू और अनवर के लिए काम करते हैं। हरि साहू वही शातिर संचालक है, जिसके फड़ पर पिछले साल रजगामार और करतला की सीमा पर छापा पड़ा था। उस वक्त कार्रवाई न कर पाने के कारण एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने तत्कालीन करतला टीआई को सस्पेंड भी किया था, लेकिन हरि साहू आज तक फरार है।
अंतरजिला जुआ नेटवर्क: आरोपियों ने खुलासा किया कि जांजगीर-चाम्पा और कोरबा की सीमा पर स्थित सोंठी के जंगल, ग्राम नेवसा और बाता बिरदा में जुए का बड़ा फड़ सजता है। यहाँ कोरबा के अलावा अकलतरा और चाम्पा से भी 35-40 रईस जुआरी रोजाना पहुंचते हैं।
लेनदेन का आरोप: पकड़े गए युवकों ने बाद में पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि उनसे दबाव पूर्वक वीडियो बनवाया गया और ₹23,500 की वसूली की गई।
🗣️ पुलिस का पक्ष: “आरोप पूरी तरह निराधार”
इस पूरे मामले पर हरदीबाजार टीआई प्रमोद डडसेना का कहना है कि पकड़े गए दोनों आरोपी आदतन जुआरी हैं। पुलिस की वैधानिक कार्रवाई से बचने और दबाव बनाने के लिए उन्होंने मारपीट का यह झूठा नाटक रचा है। पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
📌 ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ की नीति
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि जुआ माफिया अब पुलिस को बैकफुट पर धकेलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। “कार्रवाई करो तो फंसा दो, न करो तो सेटलमेंट” — इस नीति पर चलते हुए अपराधी अब खाकी को ही टारगेट कर रहे हैं।
बड़ा सवाल: क्षेत्र में कोयला, कबाड़ और डीजल चोरों के खिलाफ तो ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है, लेकिन जुए के इन बड़े सौदागरों पर नकेल कब कसी जाएगी? युवाओं को कर्ज और सट्टे के दलदल में धकेलने वाले इन सरगनाओं के साथ-साथ इन्हें मूक संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों को भी बेनकाब करना बेहद जरूरी है।

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