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कोल माफियाओं के हौसले बुलंद — रतनपुर में मां तारा कोल डिपो बना अवैध कोयला कारोबार का गढ़, विभागीय मौन से रोज़ाना लाखों की हेराफेरी

रतनपुर में मां तारा कोल डिपो बना कालाबाजारी का अड्डा, खनिज विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

संजय सोनी / कान्हा तिवारी

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रतनपुर। धार्मिक और पौराणिक पहचान रखने वाला महामाया धाम इन दिनों कोल माफियाओं के कब्जे में नजर रहा है। बेलतरा से रतनपुर मार्ग पर स्थित मां तारा कोल डिपो में बीते कुछ महीनों से खुलेआम अवैध कोयले की हेराफेरी चल रही है। खदानों से निकला बेशकीमतीकाला हीरायहां डिपो में उतारा जाता है और उसकी जगह घटिया स्तरहीन कोयला भरकर प्रशासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

खुलेआम चल रही है अफरातफरी, प्रशासन बना मूकदर्शक

सूत्रों के अनुसार, इस कोल डिपो में हर दिन अंबिकापुर, चोटिया और रानी अटारी खदानों से आने वाले दर्जनों ट्रेलर कोयले की अदलाबदली करते हैं। डिपो में असली कोयला उतारकर घटिया कोयला भर दिया जाता है, जिसे बाद में फर्जी बिलिंग के साथ विभिन्न औद्योगिक इकाइयों तक भेजा जाता है। यह पूरी प्रक्रिया खुलेआम हो रही है, मानो प्रशासन की मौन स्वीकृति प्राप्त हो।

सइयां भए कोतवाल तो डर काहे का’ — दिनदहाड़े चल रहा धंधा

जानकारों का कहना है कि मां तारा कोल डिपो में कोयले की चोरी और मिलावट अब रातों तक सीमित नहीं रही। दिनदहाड़े भी भारी वाहनों से अफरातफरी जारी रहती है। स्थानीय सूत्र बताते हैं कि प्रतिदिन 15 से 20 ट्रेलर कोयले से भरी गाड़ियां यहां पहुंचती हैं और उनमें बड़े पैमाने पर कोयले की अदलाबदली की जाती है।

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अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवालहर महीने बंधी रकम का खेल

खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस खेल से भलीभांति वाकिफ बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सेटिंग और सांठगांठ के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि हर महीने एक मोटी रकम के बदले सबकुछ ‘सेट’ कर दिया जाता है, जिससे विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

RTI कार्यकर्ता करेंगे सीएम से शिकायत, सबूतों सहित खुलासे की तैयारी

इस पूरे प्रकरण पर अब आरटीआई कार्यकर्ता प्रदीप ठाकुर ने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि आगामी 9 नवंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के रतनपुर आगमन के दौरान वे इस कोल डिपो की शिकायत फोटो, वीडियो और दस्तावेजों सहित करेंगे। ठाकुर का कहना है कि रोजाना हो रही कोयले की इस हेराफेरी से शासन के राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

अगले भाग में पूरा खुलासाफोटो और वीडियो सबूतों के साथ

इस मामले के अगले भाग में मां तारा कोल डिपो के काले कारनामों का पूरा फोटो और वीडियो किया जाएगा खुलासा
(Nyaydhani.com
की विशेष रिपोर्टअगला भाग इसी सप्ताह के अंत में प्रकाशित होगा)

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