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हरेली पर्व के अवसर पर वन परिक्षेत्र कुदमुरा में आयोजित किया गया वन महोत्सव सह विश्व हाथी दिवस कार्यक्रम

कोरबा। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन मंडल कोरबा द्वारा 12 अगस्त को हरेली पर्व एवं विश्व हाथी दिवस के अवसर पर एक विशाल ‘वन महोत्सव सह विश्व हाथी दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन वन मंडलाधिकारी) जितेंद्र कुमार उपाध्याय के निर्देशानुसार एवं उपवन मंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन मंडल के हाथियों के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले ग्राम कुदमुरा (वन परिक्षेत्र कुदमुरा) में संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाथियों के प्रति वृहद जन-जागरूकता फैलाना और मानव-हाथी सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना था।कार्यक्रम में विशेष रूप से हाथी प्रभावित एवं संवेदनशील/अति-संवेदनशील क्षेत्रों के स्कूली विद्यार्थियों, संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।सत्र के दौरान वन्यजीव संरक्षण, विशेष तौर पर जंगली हाथियों (लोनर एवं दल) के प्राकृतिक स्वभाव, उनके व्यवहार और गतिविधियों के संबंध में उपस्थित लोगों को विस्तृत समझाइश दी गई। ताकि वे हाथियों के व्यवहार को समझकर स्वयं को सुरक्षित रख सकें, मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं में कमी आए और समाज में मानव-हाथी सह-अस्तित्व की भावना सुदृढ़ हो सके।नई पीढ़ी को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की रीढ़ मानते हुए स्कूली बच्चों को विशेष रूप से लक्षित किया गया। बच्चों को हाथियों की विशालता, उनके पारिस्थितिक महत्व और व्यवहार की गहराई से जानकारी देकर उन्हें संवेदनशील और सजग बनाने का प्रयास किया गया।:

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कार्यक्रम में उपस्थित वन्यजीव विशेषज्ञ सारथी ने जोर देकर कहा कि ‘वन्यजीव केवल जंगलों की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण पर्यावरण और मानव जीवन की सुरक्षा के आधार हैं।’ उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं और आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन परिक्षेत्र अधिकारी कुदमुरा गुटुर साय पैकरा और श्रीमती दीपा भगत ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण तथा ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु हर संभव मदद निरंतर उपलब्ध कराई जाएगी।कुदमुरा एवं संपूर्ण वन मंडल में हाथियों की आधुनिक तकनीकों से सतत मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग करने वाले *’हाथी मित्र दल’ की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वन मंडलाधिकारी के दिशानिर्देश पर विशेष किट का वितरण किया गया। दल के सदस्यों को कैमोफ्लेज टी-शर्ट, कैमोफ्लेज पैंट्स, राउंड हैट, हंटर शूज, सॉक्स एवं अनाउंसमेंट के लिए मेगाफोन प्रदान किए गए ताकि वे किसी भी जन-धन की क्षति को न्यूनतम करने के अपने दायित्व का निर्वहन और अधिक कुशलता एवं सुरक्षा से कर सकें।

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वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन मंडल कोरबा द्वारा मानव-हाथी द्वंद्व को रोकने, जन-धन तथा वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के समन्वय और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी को मानव-हाथी सह-अस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के उन जागरूक ग्रामीणों एवं ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से मानव-हाथी द्वंद्व को नियंत्रित करने, जन-हानि एवं वन्यजीवों की क्षति को रोकने तथा सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देने में वन विभाग को विशेष सहयोग प्रदान किया है।

इस अवसर पर वनांचल क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्कूल के विद्यार्थी, हाथी मित्र दल के सदस्य, ग्रामीणजन तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने ग्रामीणों के इस सहयोग की सराहना करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मिसाल बताया।कार्यक्रम के अंत में वन मंडल कोरबा ने वन्यजीवों की सुरक्षा एवं क्षेत्र में शांति बनाए रखने के संबंध में एक महत्वपूर्ण अपील जारी की। हाल ही में ग्राम तरदा में मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया गया था।परंतु विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक एवं शरारती तत्वों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) और आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर मगरमच्छों की पुन: उपस्थिति की फर्जी तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में अकारण भय और अशांति का माहौल निर्मित हो रहा है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने ऐसे शरारती तत्वों को कड़े शब्दों में आगाह किया है कि:सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की फर्जी, एआई-जनरेटेड या भ्रामक जानकारी प्रसारित न करें।?वन्यजीवों से संबंधित किसी भी अफवाह को शेयर करने से पहले वन विभाग से पुष्टि अवश्य करें।भ्रामक प्रचार-प्रसार कर जन-शांति भंग करने वालों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम,1972 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।?वन विभाग ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में विभाग का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या सूचना हेतु तत्काल नजदीकी वन कार्यालय से संपर्क करें।

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