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कोरबा जिला जेल में गूंजे साक्षरता के गीत, कैदियों को संगीत के जरिए पढ़ाई के लिए किया प्रेरित

कोरबा। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस से पहले कोरबा जिले में साक्षरता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल-कॉलेजों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, लोकगीत और संगीत के माध्यम से लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा जिला जेल में भी विशेष साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम में संगीत और लोकगीतों के माध्यम से जेल में निरुद्ध लोगों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया गया। लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति से जेल परिसर में ऐसा माहौल बना कि कैदी भी मंत्रमुग्ध होकर कार्यक्रम से जुड़े रहे।

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गीतों के जरिए समझाया शिक्षा का महत्व

कार्यक्रम में शिक्षक कृष्णानंद चौहान ने छत्तीसगढ़ का राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ और शिक्षा प्रेरणा गीत ‘चला दीदी पढ़े बर जाबो’ प्रस्तुत किया। वहीं सत्यनारायण मनहर ने ‘चलव ओ दीदी, चलव वो बहनी, स्कूल पढ़े जाना है’ और ‘झोला दे दे दीदी, ओ पाठशाला जाबो न’ जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति देकर शिक्षा के महत्व का संदेश दिया।

गीत-संगीत में कृष्णा वैष्णव और पवन सिंह चौहान ने ढोलक पर संगत दी। लोकधुनों के जरिए साक्षरता का संदेश देने का यह प्रयास कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ से जोड़ा जा रहा असाक्षरों को

इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी ज्योति शर्मा ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साक्षर होने के बाद व्यक्ति अपने अधिकारों को बेहतर ढंग से समझने के साथ ही नौकरी सहित विभिन्न अवसरों के लिए आवेदन भी कर सकता है।

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उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का शिक्षित और साक्षर होना जरूरी है। साक्षरता व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और जागरूकता लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

27 सितंबर को होगी महापरीक्षा

जेलर अमितेश साहू ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से 27 सितंबर 2026 को महापरीक्षा आयोजित की जाएगी। जिले के सभी पात्र असाक्षर लोग इस परीक्षा में शामिल होकर साक्षरता अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों को इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि जिले को पूर्ण साक्षरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

साक्षरता से आत्मनिर्भर बनने का संदेश

कार्यक्रम में संदीप शर्मा, रामकुमार कुर्रे और प्रधान पाठक अंधरी कछार ने भी उल्लास एवं साक्षरता अभियान को लेकर प्रेरणादायक विचार रखे। उन्होंने कहा कि साक्षरता का अर्थ केवल अक्षर ज्ञान हासिल करना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने का माध्यम भी है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और शिक्षकों ने सभी लोगों से अपील की कि ‘सभी पढ़ें, सभी बढ़ें और सभी को साक्षर करें’ के संकल्प को मिलकर पूरा किया जाए।

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प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

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