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एसईसीएल गेवरा हाउस में चेयरमैन के घेराव के बीच भू-विस्थापितों और श्रमिकों ने किया विरोध प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

उमागोपाल ने कहा, मजदूरों और भू-स्थापितों के अधिकारों से समझौता नहीं

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कोरबा, 11 अक्टूबर। एसईसीएल गेवरा हाउस में चेयरमैन के आगमन के दौरान भू-स्थापितों, ड्राइवरों और मजदूरों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से लंबित मांगों और श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रभावित ग्रामीणों एवं कामगारों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट पर नारेबाजी की। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर-राजनीतिक संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के सामने अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं और समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।

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प्रदर्शनकारियों ने एसईसीएल खदान क्षेत्रों के भू-स्थापितों को बिना कटौती उचित मुआवजा देने तथा पुनर्वास के तहत सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग उठाई। वहीं, कलिंगा कंपनी में कार्यरत ड्राइवरों और मजदूरों को प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि श्रमिक अपने बैंक ऋण और घरेलू जरूरतों का समय पर भुगतान कर सकें। पीएनसी कंपनी में स्थानीय प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने तथा एसईसीएल दीपका क्षेत्र के अंतर्गत जय अंबे रोड लाइंस के कामगारों को नियमित ड्यूटी और समय पर वेतन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

प्रदर्शन के दौरान दीपका, गेवरा और कुसमुंडा खदान क्षेत्रों में पिछले एक महीने के दौरान कथित तौर पर हुई 2 से 3 श्रमिकों की मौत के मामलों को लेकर गहरी चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने खदानों और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की। साथ ही ठेका कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों के भविष्य निधि पीएफ, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य बीमा से संबंधित समस्याओं को उठाते हुए नियमानुसार सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई।

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छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना गैर राजनीति संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष उमागोपाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि भू-स्थापितों को उचित मुआवजा, स्थानीय युवाओं को रोजगार और श्रमिकों को समय प वेतन एवं सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रदर्शन के बाद प्रबंधन द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन प्रभावितों और श्रमिकों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगा। जरूरत पड़ने पर खदान बंदी जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई।

प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट संदेश विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी और मजदूरों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारी- महेंद्र कांत अध्यक्ष, सुनील नायक कार्यकारिणी अध्यक्ष, प्रतीक राज संगठन मंत्री मुकेश यादव संगठन मंत्री प्रशांत राज सचिव गजाधर राठौर दया कश्यप टीका राम जान सिंह रामेश्वर पटेल जोगेंदर साहू ध्रुव कुमार ज्योति कंवर अनिल सिंह सेनानी मौजूद रहे।

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