
रायपुर / प्रखरभूमि। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने और पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में साय कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दे दी गई है। यह मिशन पांच वर्षों तक संचालित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास करना, पर्यटकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना और पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।
सड़क, सुरक्षा और स्वच्छता पर रहेगा जोर
पर्यटन विकास मिशन के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, कनेक्टिविटी मजबूत करने, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई पर ध्यान देने की योजना है। बेहतर सुविधाएं मिलने से पर्यटकों का अनुभव सुधरने और प्रदेश के पर्यटन स्थलों की ओर लोगों का आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपात, वन क्षेत्र, धार्मिक स्थल और ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटन की बड़ी संभावनाएं रखती हैं। ऐसे में व्यवस्थित विकास से इन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
होमस्टे और स्थानीय कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा
मिशन में होमस्टे को प्रोत्साहित करने और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों के लिए पर्यटकों के ठहरने, खानपान, परिवहन और अन्य सेवाओं के माध्यम से आजीविका के अवसर विकसित हो सकते हैं।
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करना भी इस पहल का हिस्सा है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो स्थानीय कारोबार और रोजगार को लाभ मिलने की संभावना है।
पांच साल में विकास की योजना
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित है और इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अब मिशन के तहत परियोजनाओं के चयन, कार्ययोजना और जमीनी क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखकर स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना इस पहल का अहम उद्देश्य बन सकता है।

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