🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
GeneralKORBAअजब-गजबकोरबाछत्तीसगढ़बड़ी ख़बररायपुर🏙️ राज्य व शहर

कोरबा: दीपका उपचुनाव का विवाद पहुंचा हाईकोर्ट; प्रत्याशी का आरोप– ‘चुनाव लड़ने से रोकने के लिए किया गया पावर का गलत इस्तेमाल’

बिलासपुर/कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 15 में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्मा गया है और मामला अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) की चौखट पर पहुंच चुका है। चुनाव लड़ने की इच्छुक प्रत्याशी शोभा तिग्गा ने नगर पालिका अधिकारियों पर मनमाने नियम थोपकर नामांकन पत्र अस्वीकार करने का गंभीर आरोप लगाया है। हाईकोर्ट के फैसले पर ही अब शोभा तिग्गा की चुनावी उम्मीदें टिकी हुई हैं।

Advertisement Carousel

⚖️ हाईकोर्ट में याचिका दायर, इन अधिकारियों को बनाया प्रतिवादी

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

शोभा तिग्गा ने अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में उन्होंने निम्नलिखित को प्रतिवादी (Respondents) बनाया है:

सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (छत्तीसगढ़ सरकार)

सचिव/कमिश्नर, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग (रायपुर)

जिला निर्वाचन अधिकारी (कोरबा)

मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), दीपका

रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 (दीपका)

📋 क्या है पूरा विवाद? (दुकान की NOC पर फंसा पेंच)

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड क्रमांक 15 की ही निवासी हैं और वे पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ना चाहती थीं। विवाद की मुख्य वजह नीचे दिए गए बिंदुओं से समझें:

2021 का एग्रीमेंट: शोभा तिग्गा ने साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने का अनुबंध किया था और उसी साल उससे जुड़े सभी बकाये (Dues) क्लियर कर दिए थे। साल 2021 के बाद से पालिका द्वारा उन्हें कभी कोई बकाया या रिकवरी का नोटिस नहीं दिया गया।

नामांकन के आखिरी दिन नया नियम: जब 18 मई 2026 को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी, तब मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) द्वारा एक विवादित पत्र जारी कर दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया।

  कार की टक्कर से महिला की मौत

अथॉरिटी खुद, फिर भी नहीं दी NOC: शोभा तिग्गा ने तुरंत उसी दिन (18 मई) NOC जारी करने का आवेदन दिया। चूंकि सीएमओ खुद ही वह अथॉरिटी हैं जो NOC मांग रहे थे और बकाया स्टेटस साफ करने के लिए जिम्मेदार थे, फिर भी उन्हें तत्काल NOC नहीं दी गई और नामांकन रोक दिया गया।

🛑 याचिकाकर्ता की दलील: ‘यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है’

शोभा तिग्गा ने अपनी याचिका में नगर पालिका प्रशासन के रवैये पर कई तीखे सवाल उठाए हैं:

1. नियमों से परे कार्रवाई: छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट, 1961 के सेक्शन 35 के तहत वे चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह योग्य हैं। उनके खिलाफ कोई म्युनिसिपल बकाया नहीं है। अधिकारी कानून से बाहर जाकर अयोग्यता का दायरा नहीं बढ़ा सकते।

2. अधिकारों का हनन: नामांकन स्वीकार करने के लिए पहले किराए पर ली गई दुकान की NOC मांगने का कोई वैधानिक नियम नहीं है। यह केवल चुनाव लड़ने के लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का एक साफ जरिया है।

3. पावर का गलत इस्तेमाल: बार-बार आग्रह के बावजूद नामांकन के अंतिम क्षणों में गैर-कानूनी दस्तावेज की मांग करना अधिकारियों की मनमानी और दुर्भावना (Bad Faith) को दर्शाता है।

🗳️ चुनाव का तय शेड्यूल (जिस पर संकट के बादल)

नामांकन की अंतिम तिथि: 18 मई 2026

मतदान (Polling) की तारीख: 01 जून 2026

मतगणना (Counting) की तारीख: 04 जून 2026

याचिका की मांग: शोभा तिग्गा ने उच्च न्यायालय से 18 मई 2026 के विवादित पत्र को निरस्त करने और बिना किसी गैर-कानूनी दस्तावेज की शर्त के उनका नामांकन पत्र स्वीकार कर चुनावी प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश देने की मांग की है।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button