🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
IAS/IPSRaipurछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़मीडियाराजकाजराजनीतिरायपुर

मुख्यमंत्री साय से लेह-लद्दाख अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों ने की सौजन्य मुलाकात

बस्तर की नई पहचान पर्यटन से गढ़ने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Advertisement Carousel

नक्सलवाद की छाया से निकलकर शांति, विकास और पर्यटन की नई पहचान बना रहा बस्तर

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

रायपुर 22 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अद्भुत जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि के अनुरूप नहीं बन पाई। अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात के दौरान यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों के संबंध में आत्मीय संवाद किया और पर्यटन के विकास में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर प्रकृति की अनुपम देन है। यहां के घने वन, मनोरम जलप्रपात, नदियां, पहाड़ और गुफाएं जितनी आकर्षक हैं, उतनी ही विशिष्ट यहां की जनजातीय संस्कृति, परंपराएं, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और जीवनशैली है। बस्तर का प्रत्येक क्षेत्र अपने भीतर प्रकृति और संस्कृति की एक अलग कहानी समेटे हुए है। आवश्यकता इस बात की है कि बस्तर की इन विशेषताओं को प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में बस्तर का नाम राष्ट्रीय मीडिया में अधिकांशतः नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान कहीं पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और क्षेत्र में स्थापित हो रहे शांति के वातावरण ने बस्तर के विकास के लिए नए द्वार खोले हैं। सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

  CG Crime News:– किसान से ढाई लाख की लूट करने वाले गिरफ्तार, अंतर्राज्यीय उठाईगिरी गिरोह ने प्रदेश के कई जिलों में की थी सात वारदातें

मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्रकारों से कहा कि आप सभी बस्तर की वास्तविक खूबसूरती और वहां हो रहे बदलावों से परिचित हैं। राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से जब बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां देश के सामने आएंगी तो लोगों की बस्तर के प्रति धारणा भी बदलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए – यह हम सभी का प्रयास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान को विस्तार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी बड़ा आधार है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, गाइड सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के माध्यम से बड़ा बाजार मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लेह-लद्दाख का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं भौगोलिक विशिष्टताओं वाले क्षेत्रों में सुव्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। अध्ययन भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने वहां पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन आधारित आजीविका के विभिन्न पहलुओं को निकट से देखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें तथा एक नए और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।

इस अवसर पर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री श्री साय के साथ लेह-लद्दाख अध्ययन भ्रमण के अनुभव साझा किए। उन्होंने वहां के पर्यटन विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था, संस्कृति एवं अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े अपने अनुभवों की जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित गणमान्य पत्रकारगण उपस्थित थे।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button