Big newsIAS/IPSRaipurन्यायन्यायालयराजनीतिहादसा

झीरम घाटी केस: NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई फांसी की सजा, 13 साल बाद आया फैसला

जगदलपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत का फैसला आया है। जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी 5 सितंबर को जारी अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में जगदलपुर की विशेष अदालत द्वारा झीरम घाटी हमले में शामिल CPI (माओवादी) के 10 कैडरों को सजा सुनाए जाने की पुष्टि की है।

इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले में 12 अगस्त को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी हुई थीं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला

25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान बस्तर की झीरम घाटी में नक्सलियों ने काफिले पर हमला किया था। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कांग्रेस के कई नेताओं और अन्य लोगों की मौत हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में 29 लोगों की मौत हुई थी।

हमले के दौरान पहले विस्फोट किया गया और इसके बाद काफिले को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। झीरम घाटी की घटना को छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राजनीतिक-नक्सली हमलों में गिना जाता है।

  ड्यूटी के बाद लापता आरक्षक का पेड़ पर मिला शव: आत्महत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

13 साल चली सुनवाई

इस मामले की सुनवाई करीब 13 साल तक चली। अदालत में बड़ी संख्या में गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। 5 सितंबर को अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और सजा के बिंदु पर फैसला बाद के लिए सुरक्षित रखा था।

भूपेश बघेल ने उठाए जांच पर सवाल

अंबिकापुर में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फैसला आया है, लेकिन पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला। उन्होंने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मामले के मुख्य आरोपियों और घटना के चश्मदीदों को लेकर जांच में गंभीर कमियां रहीं।

बघेल की ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

फैसले के बाद आगे क्या?

NIA की आधिकारिक जानकारी में जगदलपुर की विशेष अदालत द्वारा 10 आरोपियों को सजा सुनाए जाने की पुष्टि की गई है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button