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छत्तीसगढ़ में आदिवासी विकास की नई उड़ान! 3357 छात्रावासों में लगेंगे 10 लाख पौधे, हर जिले में चमकेंगे मॉडल गांव

बारिश से पहले ही पूरा होगा विकास का होमवर्क, सोनमणि बोरा ने अफसरों को दी कड़क हिदायतें

रायपुर, 12 अप्रैल 2025 |छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के उत्थान को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुकी है। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों की बैठक लेकर साफ कहा — “अब वक़्त है जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाने का, और इसमें कोई देरी नहीं चलेगी!”

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बारिश से पहले हो जाए हर निर्माण कार्य पूरा!

राज्य में आदिवासी क्षेत्रों में चल रहे तमाम निर्माण कार्यों को लेकर श्री बोरा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले हर काम पूरा हो जाना चाहिए। चाहे वो पक्का मकान हो, एप्रोच रोड, आंगनबाड़ी भवन, विद्युत कनेक्शन या मोबाइल मेडिकल यूनिट — हर सुविधा समय पर ज़मीन पर उतरे।

10 लाख पौधों से हरियाली की बौछार

राज्य के 3357 आश्रम–छात्रावास परिसरों, 15 प्रयास स्कूलों और 75 एकलव्य विद्यालयों में इस बार मानसून में 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे। यह सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर प्रकृति के प्रति लगाव और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए भी अहम कदम होगा।

हर जिले में 5 मॉडल गांव – सबकुछ शानदार

प्रमुख सचिव ने हर जिले के सहायक आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे कम से कम पांच गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करें।
इन गांवों में मिलने वाली सुविधाएं होंगी:

पक्के आवास

पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था

आंगनबाड़ी केंद्र

मल्टीपर्पज सामुदायिक सेंटर

एप्रोच रोड और स्ट्रीट लाइट

मोबाइल मेडिकल यूनिट और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं

वनधन विकास केंद्र

  सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने संभाग आयुक्त कार्यालय में किया ध्वजारोहण

योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग होगी ज़रूरी

श्री बोरा ने स्पष्ट किया कि 30 अक्टूबर 2025 तक सभी योजनाओं के लक्ष्य पूर्ण कर लिए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सहायक आयुक्त और नोडल अधिकारी करेंगे।

पीएम जनमन और उत्कर्ष योजना का प्रभाव ज़मीन पर दिखे

बैठक में विशेष रूप से पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना की समीक्षा की गई। श्री बोरा ने कहा कि इन योजनाओं के तहत अति-पिछड़े जनजातीय समुदायों को मूलभूत सुविधाएं देकर सम्पूर्ण विकास मॉडल तैयार करना है।

जनजातीय परिवारों को मिलें हक के सारे कार्ड

सरकार का लक्ष्य है कि हर जनजातीय परिवार तक आधार कार्ड, राशन कार्ड, पीएम जनधन खाता, किसान क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम मातृत्व वंदना योजना, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, और वन अधिकार पट्टा जैसे दस्तावेज और लाभ तत्काल पहुंचें।

आश्रमों और छात्रावासों में मिलें बेहतर सुविधाएं

आयुक्त पदुम सिंह एल्मा ने कहा कि सभी छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों को मिले:

पौष्टिक भोजन

स्वच्छ पेयजल और टॉयलेट

पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था

साफ-सफाई और खेल-कूद के लिए बेहतर माहौल

15 और 16 अप्रैल को होगी हाईलेवल समीक्षा बैठक

श्री बोरा 15-16 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे, जिसमें सभी संभागों के सहायक आयुक्त भाग लेंगे।

15 अप्रैल को सरगुजा, बस्तर और दुर्ग संभाग की समीक्षा

16 अप्रैल को रायपुर और बिलासपुर संभाग के कामों की पड़ताल की जाएगी।

बैठक में शामिल रहे ?

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस. भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, मेनका चंद्राकर, विश्वनाथ रेड्डी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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