
कोरबा, 1 अगस्त 2026। कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र में शनिवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में हाथी के हमले से किसान की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि अल सुबह और देर शाम जंगल व खेतों की ओर अकेले न जाएं।
वन विभाग के अनुसार बड़मार परिसर के कक्ष क्रमांक OA-1445 झोकिया पतरा जंगल के समीप रहने वाले जागेश्वर राठिया (53 वर्ष) शनिवार सुबह अपने वनाधिकार पट्टे की कृषि भूमि पर जाने और दातून लाने के लिए निकले थे। खेत तक पहुंचने के लिए उन्हें जंगल से होकर गुजरना पड़ता था। इसी दौरान क्षेत्र में विचरण कर रहे एक लोनर हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग ने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक एक अकेला हाथी करतला, चोरभट्ठी और बड़मार क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है। इस दौरान ग्रामीणों को मुनादी, व्हाट्सएप समूहों, ड्रोन निगरानी और ‘सजग’ एप के माध्यम से लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे थे।
मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने हाथी मित्र दल की तैनाती, 24 घंटे रोस्टरवार गश्त, ड्रोन से निगरानी तथा विद्युत विभाग के सहयोग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था की है। वर्तमान में कोरबा वन मंडल क्षेत्र में दो लोनर हाथी और नौ हाथियों का एक दल, कुल 11 हाथी, अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी करतला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शासन के नियमानुसार मृतक की पत्नी लीला बाई राठिया को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। शेष अनुग्रह सहायता राशि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जाएगी।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम अकेले न जाएं, हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और मुनादी का गंभीरता से पालन करें, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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