
रायपुर, 15 सितंबर 2026 : नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने वाले पारंपरिक पर्व नुआखाई के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और प्रदेश के प्रत्येक परिवार की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नुआखाई केवल नई फसल के स्वागत का पर्व नहीं है, बल्कि यह कृषि संस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के अथक परिश्रम को सम्मान देने की परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। खेतों में तैयार होने वाली नई फसल किसान की मेहनत के साथ प्रकृति की कृपा का भी प्रतीक है।
अन्न के सम्मान और किसान के परिश्रम का पर्व
CM साय ने कहा कि नुआखाई के माध्यम से समाज अन्न के महत्व को स्वीकार करता है और किसान के श्रम के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। कृषि प्रधान समाज में नई फसल का आगमन सिर्फ आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार और समुदाय के लिए खुशी का अवसर भी होता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी का रिश्ता केवल आजीविका तक सीमित नहीं है। प्रदेश की लोक संस्कृति, सामाजिक जीवन और अनेक परंपराएं कृषि चक्र तथा प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
नई फसल के साथ मजबूत होता है सामाजिक जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नुआखाई अपनी मिट्टी और जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है। पर्व के दौरान परिवार और समाज के लोग मिलकर नई फसल की खुशियां साझा करते हैं। इससे पारिवारिक एकजुटता, सामाजिक आत्मीयता और आपसी सद्भाव को मजबूती मिलती है।
नई फसल के स्वागत की यह परंपरा लोक संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बदलते समय के बीच ऐसे पर्व अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं।
नुआखाई पर मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं
किसानों के लिए : सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना
प्रदेश के लिए : प्रकृति की कृपा और अन्न के भंडार भरने की मंगलकामना
समाज के लिए : प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश
हर परिवार के लिए : सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना
खेत लहलहाएं, अन्नदाता के घर आए समृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कामना की कि प्रकृति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे। किसानों के खेत हरे-भरे रहें और फसल से लहलहाते रहें। अन्न के भंडार भरें और प्रदेश के अन्नदाताओं के घर-आंगन में समृद्धि आए।
उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव लगातार मजबूत होता रहे।
कृषि परंपरा से जुड़ी छत्तीसगढ़ की पहचान
नुआखाई जैसे पर्व छत्तीसगढ़ की उस सांस्कृतिक पहचान को सामने लाते हैं, जहां प्रकृति, कृषि और लोकजीवन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नई फसल के प्रति आभार और अन्नदाता के श्रम का सम्मान इस परंपरा का मूल भाव है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पर्व की खुशियां साझा करते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

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