स्वास्थ्य, बिजली और विकास की मांग को लेकर पसान में चक्का जामः 4.5 घंटे थमे वाहन, लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त

कोरबा 11 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान में स्वास्थ्य, बिजली और विकास कार्यों की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ आंदोलन लगभग साढ़े चार घंटे तक चला। इससे पसान मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब 11.30 बजे प्रदर्शन समाप्त किया गया।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पसान क्षेत्र में लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति खराब है। पसान स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डठठै डॉक्टर की नियुक्ति उनकी प्रमुख मांग रही। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर की कमी के कारण गंभीर और आपात स्थिति वाले मरीजों को इलाज के लिए कोरबा या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों ने करीब एक सप्ताह पहले तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मंगलवार को आंदोलन किया गया।

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प्रदर्शनकारियों ने पसान में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग भी उठाई। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में लगातार बिजली ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उन्होंने पसान फीडर को अलग करने, खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने, जर्जर बिजली तारों को दुरुस्त करने और ढीले बिजली खंभों को बदलने की मांग रखी।

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चक्का जाम के दौरान ग्रामीणों ने पसान में लंबे समय से लंबित रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। इसके अलावा करीब पांच साल से रुके कॉलेज निर्माण को दोबारा शुरू कराने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों ने उदेरदा पिकनिक स्पॉट के सौंदर्यीकरण और रेलवे लाइन के कारण बंद किए गए रास्ते को फिर से खोलने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।

चक्का जाम की सूचना मिलने पर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह श्याम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिया। तहसीलदार के अनुसार, बिजली और स्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख मांगों पर संबंधित विभागों से चर्चा की गई है। पसान फीडर को अलग करने का प्रस्ताव शासन को भेजने और स्वास्थ्य विभाग में डठठै डॉक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया गया।

ग्रामीण युसूफ खान ने बताया कि बीएमओ के आदेश के बाद अब पीएचसी में डॉक्टर की स्थायी पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और सड़क पर यातायात बहाल हो गया।

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