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CG News:– सीएमओ की पत्नी ने झूठी रिपोर्ट लिखवा भिजवाई थी पार्षद को जेल, अब महिला टीआई और प्रार्थी को अदालत ने दिया दो लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश

CG News:– नगर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर सीएमओ ने पूर्व पार्षद की होटल में तोड़फोड़ कर दी। इसके अलावा पूर्व पार्षद उसके पिता और भाई के खिलाफ सीएमओ की पत्नी ने झूठी रिपोर्ट लिखा 6 दिनों के लिए जेल भिजवा दिया। महिला टीआई ने भी बिना जांच झूठा केस बनाया। जिस पर रिपोर्ट दर्ज करवाने वाली सीएमओ की पत्नी और महिला टीआई को दो लाख रुपए जुर्माना देने का आदेश अदालत ने दिया है।

Mahasamund महासमुंद।झूठे मामले में फँसाकर जेल भेजने और विद्वेषपूर्ण कार्रवाई के विरूद्ध प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी चेतना ठाकुर ने प्रार्थी पूर्व पार्षद आरटीआई कार्यकर्ता पंकज साहू को 2 लाख रु. क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने का आदेश दिया है। श्री साहू का परिवार 6 दिन जेल में रहा। 2019 में सभी को न्यायालय ने दोषमुक्त किया था। दोषमुक्ति के बाद श्री साहू ने 2022 में विद्वेषपूर्ण अभियोजन झूठी रिपोर्ट पर जेल भेजने के लिए 2 लाख रु. क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया था। जिस पर यह फैसला आया है।

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मामला इस प्रकार हैः

2010 से 2015 के बीच पार्षद रहते हुए श्री साहू ने नपा में भ्रष्टाचार के विरूद्ध आवाज उठाई थी। श्री साहू ने बताया कि प्रकरण थाने में दर्ज कराया था। जिससे गुस्सा होकर नपा पदाधिकारी सीएमओ हेमशंकर देशलहरा, कुछ नपा कर्मियों ने कचहरी चौक पर श्री साहू की होटल में तोड़फोड़ की थी। श्री साहू का हाथ फ्रेक्चर हुआ था। श्री साहू ने संबंधितों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी।

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इसी दौरान सीएमओ श्री देशलहरा, उनकी पत्नी चमेली, नपा पदाधिकारी कुछ कर्मियों ने थाने में हंगामा खड़ा कर पंकज साहू, उसके पिता, भाई धीरज आदि के विरूद्ध सीएमओ आवास में तोड़फोड़,

मारपीट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्हें 6 दिन जेल में रहना पड़ा। 2019 में न्यायालय ने सभी को दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्ति के बाद पंकज साहू ने गृह विभाग पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत की।

तत्कालीन टीआई प्रमिला मंडावी के विरूद्ध विभागीय जाँच हुई। श्री साहू ने बताया कि उन्हें विभागीय दंड दिया गया। पश्चात 2022 में 2 लाख रु. क्षतिपूर्ति का वाद श्री साहू ने दायर किया। इसमें न्यायालय ने आदेश दिया कि चमेली देशलहरा और टीआई प्रमिला मंडावी संयुक्त रूप से 2 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि प्रार्थी पंकज साहू को प्रदान करे। वाद हेतु न्याय शुल्क के रूप में जमा 23800 रूपये भी प्रार्थी को वापस मिलेगा।

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