🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
IAS/IPSTransfer

Bilaspur News:–डीईओ का कमाल, बच्चियों से छेड़छाड़ के दोषी निलंबित शिक्षक को डीईओ ने किया बहाल,फरार शिक्षक की तलाश कर रही पुलिस

दोषी शिक्षक पर एफआईआर करवाने में भी देरी की गई

Advertisement Carousel

Bilaspur बिलासपुर। बिलासपुर में शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और कार्यशैली पर विवाद उठ खड़े हुए हैं। छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में जिस शिक्षक को निलंबित कर खुद शिक्षा विभाग ने ही अपराध दर्ज करवाया था उस शिक्षक को फरारी के दौरान ही डीईओ ने बहाल कर दिया है। एक माह का  समय बीतने के बावजूद पुलिस भी फरार शिक्षक को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। फरारी के दौरान ही जिला शिक्षा अधिकारी  ने शिक्षक को बहाल कर अन्यत्र स्कूल में पदस्थापना दे दी है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

तखतपुर ब्लॉक के प्राथमिक शाला खुड़ीयाडीह में पदस्थ सहायक शिक्षक  एलबी अशोक कुर्रे पर पास्को एक्ट के तहत नाबालिग छात्रा से बैड टच का गंभीर आरोप है।  उसे बिना किसी विभागीय जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बहाल कर दिया गया है। आरोपी शिक्षक अभी तक फरार है और पुलिस उसे पकड़ भी नहीं पाई है। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने 15 मई को बहाली का आदेश जारी कर दिया।

बता दे आरोपी शिक्षक अशोक कुमार कुर्रे  के खिलाफ पहले बीईओ तखतपुर को शाला विकास समिति से स्कूल न आने और बच्चों से मारपीट की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में पहुंची टीम को दो बच्चियों ने बैड टच करने की भी शिकायत की थी। बच्चियों ने बताया था कि योगा के दौरान शिक्षक उन्हें बैड टच करते हैं। बीईओ की जांच में शिक्षक अशोक कुर्रे दोषी पाए गए। जिसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। लेकिन डीईओ कार्यालय की ओर से विभागीय जांच पूरी नहीं हुई है, फिर भी मात्र उसके लिखित बयान के आधार पर उसे बहाल कर दिया गया।

15 मई को डीईओ अनिल तिवारी द्वारा बहाली आदेश जारी हुआ, जिसके तहत विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने 21 मई को आरोपी शिक्षक अशोक कुर्रे को प्राथमिक शाला जरेली में पदस्थ कर दिया।

क्या है मामला:–
जनवरी 2025 में पीटी के दौरान अशोक कुर्रे द्वारा छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत छात्राओं ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर से की थी। बीईओ ने एक जांच टीम गठित की, जिसने स्कूल में जांच के दौरान दो छात्राओं के बयान दर्ज किए। छात्राओं ने बताया कि योगा के दौरान जब ध्यान मुद्रा में थे तो शिक्षक ने बैड टच किया। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी कामेश्वर बैरागी ने रिपोर्ट कलेक्टर, एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर 27 फरवरी को आरोपी को निलंबित कर 21 अप्रैल को तखतपुर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई।

मामले में बीईओ तखतपुर कामेश्वर बैरागी ने मीडिया को बताया कि बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है। शाला विकास समिति और ग्रामीणों ने शिक्षक अशोक कुर्रे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि वह स्कूल नहीं आते, बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। जांच में पहुंची टीम को 5वीं कक्षा की दो बच्चियों ने यह भी शिकायत की कि शिक्षक अशोक कुर्रे उन्हें गलत तरीके से छूते हैं, बैड टच करते हैं। बच्चियों के बयान रिकॉर्ड कर टीम ने शिक्षक को दोषी पाया। इसी के आधार पर एफआईआर भी हुई, लेकिन अब बहाली कैसे हुई, यह उन्हें जानकारी नहीं है।

कलेक्टर बोले….
इस मामले में कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने कहा कि तखतपुर ब्लॉक के स्कूल में यदि शिक्षक ने किसी बच्ची के साथ बैड टच किया है, बीईओ की रिपोर्ट में दोषी साबित है और उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज है, तो फिर किस आधार पर उसे  बहाल कर दिया गया। इस बात की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से ली जाएगी। यदि पुलिस रिकॉर्ड में शिक्षक फरार है तो पुलिस को भी निर्देशित किया जाएगा कि ड्यूटी में आते ही उसे गिरफ्तार किया जाए।

शिक्षक की तलाश में है पुलिस:–
तखतपुर टीआई देवेश राठौर ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट का मामला थाने में दर्ज किया गया है। मामले में पीड़ित बच्ची ने बयान दिया है कि शिक्षक ने उसके साथ बैड टच किया है। आरोपी को जमानत नहीं मिली है। पता चला है कि डीईओ ने उसे बहाल कर ज्वॉइनिंग दिया है। पुलिस स्कूल पहुंची, पर वह नहीं मिला, घर में भी नहीं है। फोन बंद आ रहा है। पुलिस अभी भी उसकी तलाश में जुटी है।

पॉलिटिकल पहुंच वाला है शिक्षक,इसलिए एफआईआर भी हुई देरी से:–
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक अशोक कुमार कुर्रे एक नेता का रिश्तेदार है। जिसके चलते 27 फरवरी को निलंबन के दो माह बाद 21 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करवाया गया। जबकि 27 फरवरी को जारी डीईओ के आदेश के अनुसार तत्काल अपराध दर्ज करवाए जाने के निर्देश थे। पर मिली जानकारी के अनुसार पॉलीटिकल प्रेशर के चलते दो माह से भी अधिक समय एफआईआर के लिए लगा दिया गया। एक माह से अधिक समय होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं की गई है। और अब फरारी में ही निलंबन से बहाल कर दिया गया है।

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button