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कोरबाछत्तीसगढ़

एचटीपीपी कोरबा का झाबू स्थित राखड़ बांध टूटा, भारी मात्रा में राखड़ बहकर गांव एवं आसपास क्षेत्र में फैला

ग्रामीणों ने लगाया आरोपः गिरा भारी वाहन, ठेकेदार ने बांध तोड़कर निकाला बाहर

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कोरबा 03 मार्च। हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम (एचटीपीपी) का ग्राम झाबू स्थित राखड़ बांध टूट गया। इससे काफी मात्रा में बाहर निकल कर गांव एवं आसपास क्षेत्र में फैल गई। बहाव इतना तेज है कि समीप ही बहने वाली हसदेव नदी में भी राख सामने का खतरा मंडराने लगा है।

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विद्युत उत्पादन कंपनी के 810 मेगावाट एचटीपीपी से उत्सर्जित राख के लिए ग्राम झाबू- लोतलोता के पास राखड़ बांध बनाया गया है। जहां संयंत्र से पानी मिश्रित राख भेजी जाती है। बांध काफी पुराना होने की वजह से भर चुका है, इससे निपटने के लिए प्रबंधन द्वारा कई बार बांध की ऊंचाई भी बढ़ाई जा चुकी है। बताया जा रहा है कि राखड़ बांध भर जाने की वजह से दबाव पड़ने पर उसका तटबंध सोमवार को एकाएक टूट गया। इसके साथ ही पानी मिश्रित राख का सैलाब बाहर निकल पड़ा।

धीरे- धीरे तटबंध का काफी चौड़ा हिस्सा बह गया और काफी मात्रा में राख निकल कर आसपास क्षेत्र में फैल गई। इसके साथ ही हसदेव नदी की ओर बहने लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में राख मिलने से पानी पूरी तरह प्रदूषित हो जाएगा और सफेद दिखाई देने लगता है।

वहीं आसपास फैली राख से ग्रामीणों को काफी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी शुरू हो चुकी है, ऐसी स्थिति में तेज धूप की वजह से पानी सूख जाएगा और सूखी राख हवा में उड़ कर ग्रामीणों के घर एवं खाने में जाएगी। राख की वजह से झाबू, नवागांव, पुरैनाखार, धनरास, लोतलोता, चारपारा, मड़वामहुआ, ढांडपारा समेत अन्य गांव के निवासियों को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

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यहां बताना होगा कि एचटीपीपी के राखड़ बांध में यह कोई पहली घटना नही है बल्कि दो माह पहले भी राखड़ बांध फूटा था और काफी मात्रा में हसदेव नदी में समाहित हुई थी, जो बाद में नहर के माध्यम से किसानों के खेत पहुंच गई थी। यही स्थिति दोबारा निर्मित होने की संभावना बन गई है।

इस संबंध में सिविल विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता शरद चंद्र पाठक से मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मोबाइल को रिसीव नहीं किया। वहीं सिविल विभाग के कार्यपालन अभियंता नारायण पटेल का कहना है कि राखड़ बांध ओव्हरफ्लो हुआ है। इससे कुछ राख बाहर निकली है। सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है, जल्द स्थिति स्थिति सामान्य हो जाएगी।

गिरा भारी वाहन, ठेकेदार ने बांध तोड़कर निकाला बाहर
राखड़ बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम चल रहा था। इसी दौरान करीब चार दिन पहले काम में लगा एक भारी वाहन अनियंत्रित होकर सीधे राखड़ बांध में जा गिरा। उस समय बांध में पानी भरा होने के कारण वाहन को बाहर निकालना संभव नहीं हो पा रहा था।

ग्रामीणों का आरोप है कि वाहन निकालने के लिए ठेकेदार ने नियमों को दरकिनार करते हुए राखड़ बांध को ही तोड़ दिया। बांध टूटते ही राख मिली पानी की धार बाहर निकल गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में राख फैल गई। इसके बाद वाहन को बाहर निकाला गया।

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