छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 14 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया

 

 

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले में संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 14 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.

 

गरियाबंद के जिस कुल्हाड़ीघाट के भालूडिगी और तारझर के जंगल में यह मुठभेड़ हुई, वह ओडिशा के नुआपाड़ा ज़िले से लगा हुआ है.

 

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सीआरपीएफ़ की ‘कोबरा बटालियन’ और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान रविवार को ही ऑपरेशन के लिए निकले थे, जहां देर रात संदिग्ध माओवादियों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई.

 

यह मुठभेड़ सोमवार की रात तक चलती रही. इससे पहले सोमवार की दोपहर में दो संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके थे. मंगलवार की सुबह 12 अन्य माओवादियों के शव बरामद किए गए.

 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार मिले हैं. सर्चिंग ऑपरेशन अभी जारी है. मारे जाने वाले माओवादियों की संख्या बढ़ सकती है.”

 

मारे जाने वालों में कुछ माओवादियों की पहचान ओडिशा में सक्रिय माओवादी संगठन के वरिष्ठ सदस्यों के रुप में की गई है. हालांकि पुलिस ने इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की है.

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इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के एक जवान को भी गोली लगी है. हालांकि उनकी हालत ख़तरे से बाहर है. छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल से माओवादियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान चल रहा है.

 

साल 2024 में सुरक्षाबलों ने राज्य में 219 माओवादियों को मारने का दावा किया था.

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