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छत्तीसगढ़बड़ी ख़बर

14 साल से अधिग्रहित जमीन‌ के मुआवजे का भुगतान नहीं,एस डी एम का सरकारी वाहन जब्त,

जांजगीर जिला न्यायालय ने की कलेक्टर कार्यालय में कुर्की की कार्रवाई,

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एस डी एम का सरकारी वाहन जब्त,

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जिला सत्र न्यायालय ने आज जांजगीर चापा कलेक्टर कार्यालय के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की। इस कार्यवाई में कलेक्टर कार्यालय में एस डी एम के सरकारी वाहन को जप्त कर कर लिया गया है ।

जांजगीर-चांपा। जिला सत्र न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 37 लाख रुपये की कुर्की का वारंट जारी किया है। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिसमें केएसके पावर प्लांट में जमीन अधिग्रहण के कम मुआवजा कम देने की शिकायत की गई थी। कई बार नोटिस भेजने के बावजूद कलेक्टर कार्यालय द्वारा तय की गई राशि पीड़ित पक्ष को नहीं दी गई, जिसके बाद न्यायालय ने कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया।

न्यायालय के नाजिर शाखा के अधिकारी और कर्मचारी जब कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें केवल एसडीएम ममता यादव की सरकारी कार ही मिली, जिसे उन्होंने जब्त कर लिया। इस सरकारी वाहन को न्यायालय परिसर में सील कर दिया गया है।

न्यायालय के नाजिर शाखा के अधिकारियों का आरोप है कि कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारियों ने उन्हें समर कर समय बर्बाद किया और एसडीएम ममता यादव पर न्यायालय के काम में सहयोग न करने और दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है।

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एडीएम एसपी वैद्य ने बताया कि मामला सत्र 09/10 का है जिसे अब तक निपटारा नहीं किया जा सका कुर्की के आदेश पर माननीय न्यायालय से समय मांगने गुजारिश की की गई है ताकि मामला का समाधान निकाला जा सके।
जांजगीर चापा जिला प्रशासन के अधिकारियों के
अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के क ई मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।

चांपा एस डी एम का तो ये हाल है कि वह एस सी, एस टी, ओबीसी के जाति प्रमाण पत्र के हजारों आवेदनों का एक साल से अधिक समय से निपटारा ही नहीं कर पाए हैं‌। उन्हें तो यह भी नहीं पता है कि उक्त वर्गों के स्थाई जाति प्रमाण पत्र के कितने आवेदन उनके कार्यालय में लंबित है।

उच्चाधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई कारवाई नही होना आश्चर्य की बात है।

ये अधिकारी शासन की छवि को धुमिल करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

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