✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
AgricultureIAS/IPSRaipurकृषि-कृषकछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़राजकाजराजनीतिरायपुर

मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी व्यवस्था समय पर हो पूरा: खाद्य मंत्री बघेल

किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र, सभी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था कर रहा विपणन संघ

कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में तेजी लाने के निर्देश

रायपुर 25 सितंबर 2026. आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में गुरूवार 24 सितंबर को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की सुविधा, धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, जूट बारदानों की उपलब्धता तथा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति पर की गई।

बैठक में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

360 नए धान खरीदी केंद्रों से किसानों को मिलेगी सुविधा

बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। इन नए केंद्रों में धान खरीदी से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

मंत्रिमंडलीय उप समिति ने नवीन खरीदी केंद्रों में धान उपार्जन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप समिति ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया किसान-केंद्रित हो तथा खरीदी केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

  Bilaspur High Court News:– भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित होने के बाद,अपराध के मामले में दोष मुक्त होने पर भी कर्मचारी पिछले बकाए वेतन का हकदार नहीं

3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था

धान उपार्जन के लिए बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडलीय उप समिति ने आवश्यक नए एवं पुराने जूट बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है।

अब तक विपणन संघ को 1.14 लाख गठान नए जूट बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। उप समिति ने शेष आवश्यक बारदानों की उपलब्धता भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी के कारण उपार्जन व्यवस्था प्रभावित न हो।

कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश

बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कस्टम मिलिंग के अंतर्गत कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि मिलरों द्वारा 51.50 लाख टन चावल जमा किया जाना शेष है।

कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने शेष चावल की मात्रा को देखते हुए कस्टम मिलिंग एवं चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से इसकी नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराना सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री विलास भोसकर, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार एवं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक श्री रमेश कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button