🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़रायपुर🏙️ राज्य व शहर

जशपुर की गलियों से दुनिया तक पहुंचेगी जनजातीय संस्कृति, CM साय सरकार ने गांवों में पर्यटन को दी नई पहचान, जशपुर की असली खूबसूरती से रूबरू होंगे मेहमान

CM साय सरकार का जोर, स्थानीय लोगों को मिले पर्यटन का सीधा लाभ

रायपुर, 15 सितंबर 2026 : अब जशपुर आने वाला पर्यटक सिर्फ पहाड़, झरने और जंगल देखकर वापस नहीं लौटेगा। उसे यहां के गांवों में रुकने, स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताने और जनजातीय संस्कृति को करीब से महसूस करने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जशपुर के ग्रामीण और जनजातीय अंचल को पर्यटन की नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

Advertisement Carousel

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) के तहत बगीचा-मयाली-जशपुर क्लस्टर में क्लस्टर होमस्टे परियोजना को मंजूरी मिली है। परियोजना के तहत छह जनजातीय गांवों में 30 होमस्टे विकसित किए जाएंगे। लगभग 1.80 करोड़ रुपये की लागत वाली इस पहल का मकसद पर्यटकों को स्थानीय जीवन का अनुभव देना और गांव के परिवारों के लिए पर्यटन को आय का नया जरिया बनाना है।

गांव ही बनेंगे पर्यटकों का ठिकाना

जशपुर की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच अब गांवों को भी पर्यटन अनुभव का हिस्सा बनाने की तैयारी है। होमस्टे में ठहरने वाले पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहेंगे और गांव के रहन-सहन, खान-पान, लोक परंपराओं और जनजातीय संस्कृति को नजदीक से जान सकेंगे।

यह मॉडल पारंपरिक होटल आधारित पर्यटन से अलग होगा। यहां पर्यटक किसी कमरे में सिर्फ रात नहीं बिताएंगे, बल्कि स्थानीय जीवन को समझने और महसूस करने का अवसर पाएंगे। यही अनुभव जशपुर को दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान दे सकता है।

कहां-कहां बनेंगे होमस्टे?

किंकेल, कमतरा, डंगरी, महनई, सरुधाप और पंडरापाठ में पांच-पांच होमस्टे विकसित किए जाएंगे। गांवों में पर्यटकों के लिए सामुदायिक सुविधाओं के विकास के लिए भी पांच लाख रुपये तक के कार्य प्रस्तावित हैं।

जशपुर की असली खूबसूरती से रूबरू होंगे मेहमान

जशपुर के पर्यटन की ताकत सिर्फ प्राकृतिक नजारों में नहीं, बल्कि यहां की जनजातीय विरासत में भी है। कैलाश गुफा, खुड़ियारानी गुफा, बादलखोल अभयारण्य, रानीदाह जलप्रपात, देशदेखा पहाड़ और लोरोघाट जैसे स्थलों के आसपास होमस्टे की सुविधा मिलने से पर्यटकों को क्षेत्र में अधिक समय बिताने का अवसर मिलेगा।

पर्यटक जंगल और पहाड़ देखने के साथ स्थानीय परिवारों के जीवन, पारंपरिक भोजन, लोक संस्कृति और हस्तशिल्प का अनुभव भी ले सकेंगे। इससे जशपुर का Tourism Experience और व्यापक होने की उम्मीद है।

  PM Modi in Chhattisgarh: - रायपुर में उतरे पीएम मोदी, भव्य स्वागत, 60वें अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में सुरक्षा रणनीतियों पर दो दिवसीय चर्चा

पर्यटन बढ़ेगा तो गांव में रोजगार भी बढ़ेगा

होमस्टे परियोजना का फायदा केवल मकान मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, परिवहन और आतिथ्य सेवाओं में काम के अवसर पैदा होंगे। महिलाएं स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी नए ग्राहक मिलेंगे। इस तरह पर्यटन की एक पूरी आर्थिक श्रृंखला गांव के स्तर पर तैयार हो सकती है।

CM साय सरकार का जोर, स्थानीय लोगों को मिले पर्यटन का सीधा लाभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण मान रही है। जशपुर की होमस्टे परियोजना इसी सोच के अनुरूप पर्यटन को गांवों तक ले जाने और स्थानीय परिवारों को उसका प्रत्यक्ष आर्थिक भागीदार बनाने की पहल है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। सरकार का उद्देश्य इस विरासत को संरक्षित रखते हुए स्थानीय समुदाय को पर्यटन से आर्थिक रूप से जोड़ना है।

जशपुर से लौटते वक्त साथ ले जाएंगे एक अनुभव

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े पर्यटन स्थलों या होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांव और स्थानीय परिवारों को भी पर्यटन मूल्य-श्रृंखला का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

जशपुर में बनने वाला होमस्टे क्लस्टर इसी दिशा में एक नया प्रयोग है। आने वाले दिनों में देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक यहां के गांवों में ठहरकर प्रकृति और जनजातीय संस्कृति के बीच समय बिताएंगे। वे जशपुर को सिर्फ देखकर नहीं, बल्कि यहां के जीवन को महसूस करके लौटेंगे—और यही इस पर्यटन मॉडल की सबसे बड़ी खासियत होगी।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button