हसदेव पर सियासत तेज : भाजपा का भूपेश बघेल पर पलटवार, संतोष पाण्डेय बोले — “कांग्रेस के फैसलों का जनता मांग रही हिसाब”

रायपुर, 8 सितंबर 2026। हसदेव अरण्य और तारा कोल ब्लॉक को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया कि हसदेव और तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस अब जिस तरह विरोध की राजनीति कर रही है, उसके पीछे उसके अपने पुराने फैसलों की भूमिका रही है।
पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के फैसलों का जवाब देना चाहिए और उसके बाद वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने चाहिए। उन्होंने हसदेव अरण्य में खनन से जुड़े पुराने केंद्रीय फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आज जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, उनकी पृष्ठभूमि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में ही तैयार हुई थी।
हसदेव पर भाजपा का सीधा हमला
संतोष पाण्डेय ने तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री जयराम रमेश के 23 जून 2011 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि तारा कोल ब्लॉक को उस समय स्टेज-1 की मंजूरी दी गई थी। उनके मुताबिक, इसके बाद अब कांग्रेस नेताओं का पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुखर होना राजनीतिक विरोधाभास को सामने लाता है।
भाजपा प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पांच साल के कार्यकाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान हसदेव से जुड़े कटाई और खनन की प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया गया, लेकिन सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने उन मुद्दों पर आज जैसी चिंता नहीं दिखाई।
पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस को पुराने फैसलों की जिम्मेदारी वर्तमान सरकार पर डालने के बजाय अपने कार्यकाल का भी जवाब देना चाहिए।
‘घड़ियाली आंसू’ वाले बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
भाजपा नेता ने भूपेश बघेल के रुख पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हसदेव को लेकर कांग्रेस का मौजूदा विरोध जनता को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस वास्तव में खनन और बिजली के मुद्दे पर गंभीर है तो उसे अपने पुराने बयानों और नीतिगत फैसलों की भी समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हसदेव से जुड़े फैसलों के बाद अब भाजपा सरकार पर आरोप लगाना राजनीतिक सुविधा के मुताबिक मुद्दे बदलने जैसा है।
तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भी भाजपा ने रखा पक्ष
संतोष पाण्डेय ने कहा कि तारा कोल ब्लॉक का आवंटन किसी बैकडोर प्रक्रिया से नहीं हुआ है। उनके अनुसार, यह भारत सरकार की खुली और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि नीलामी के बाद खनन शुरू करने के लिए सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की वैज्ञानिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और जल प्रबंधन के साथ तारा कोल ब्लॉक को खनन के लिए विचारणीय श्रेणी में रखा गया है।
भाजपा ने पर्यावरण संरक्षण के आंकड़े भी गिनाए
पाण्डेय ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के अनुसार पिछले दो वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और हर वर्ष लगभग 3.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने भारतीय वन सर्वेक्षण की इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट-2023 का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में 684 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। भाजपा ने इसे राज्य में पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
बघेल पर भाजपा का सियासी निशाना
भाजपा नेता ने भूपेश बघेल को विकास विरोधी राजनीति से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के पुराने फैसलों और वर्तमान राजनीतिक रुख के अंतर को समझती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का दावा है कि राज्य में खनन और औद्योगिक गतिविधियों को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
हसदेव अरण्य और तारा कोल ब्लॉक का मुद्दा अब केवल पर्यावरण और खनन तक सीमित नहीं रह गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इसे प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

Live Cricket Info
