प्रशासन की तत्परता से टले दो बाल विवाह.. भारी बारिश के बीच गाँव पहुँचकर बच्चों का भविष्य किया सुरक्षित

सुकमा 4 अगस्त 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। सुकमा जिले में जिला प्रशासन की तत्परता और संवेदनशील पहल से दो बाल विवाह समय रहते रोक दिए गए। यह कार्रवाई कवासीपारा, फूलबगड़ी गाँव में मूसलाधार बारिश के बीच की गई।

सूचना मिलते ही टीम पहुँची गाँव

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से बाल विवाह की सूचना मिलते ही जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तुरंत गाँव के लिए रवाना हुई। कठिन मौसम और बारिश के बावजूद टीम समय पर मौके पर पहुँची और दोनों बाल विवाह रुकवाने में सफल रही।

समझाइश से बदला परिवारों का फैसला

गाँव में विवाह की तैयारियाँ चल रही थीं। अधिकारियों ने स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए परिवारों से शांतिपूर्ण और संवेदनशील तरीके से बातचीत की। टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी और बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है।

प्रशासन की समझाइश का सकारात्मक परिणाम सामने आया। दोनों परिवारों ने बाल विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया। बालिकाओं ने भी अपनी पढ़ाई जारी रखने और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई।

  कवर्ध में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय

कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की गई

पूरी कार्रवाई को पारदर्शी और वैधानिक बनाने के लिए मौके पर पंचनामा और घोषणा-पत्र तैयार कराया गया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण हो सके।

बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता

यह अभियान कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेंद्र सिंह बघेल के मार्गदर्शन में चलाया गया। इस कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) सुश्री मनीषा शर्मा, सेक्टर सुपरवाइजर सुश्री रश्मि चन्द्रवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता श्री जोगेंद्र दिर्दो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सुकमा की यह सफलता बताती है कि समय पर मिली सूचना, प्रशासन की तत्परता और संवेदनशील संवाद से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोका जा सकता है। यह पहल बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि's avatar
About प्रखर भूमि 737 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।