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कोरबा में ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ अभियान का आगाज़, 100 दिनों तक चलेगा जागरूकता व प्रशिक्षण अभियान

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कोरबा, 22 जुलाई। रेशम उत्पादन को नई गति देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केन्द्रीय रेशम बोर्ड के महत्वाकांक्षी ‘मेरा रेशम, मेरा अभिमान (MRMA) 2.0’ अभियान का शुभारंभ बुधवार को कोरबा में किया गया। सहायक संचालक रेशम कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय District Stakeholder Consultation Meeting में अधिकारियों, वैज्ञानिकों, केंद्र प्रभारियों और रेशमकीट पालकों ने भाग लेकर अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में वैज्ञानिक-डी डॉ. विनोद सिंह ने बताया कि आगामी 100 दिनों तक जिले में जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण शिविर, परिक्षेत्र भ्रमण और तकनीकी मार्गदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही कोरबा जिले के लिए अगले पाँच वर्षों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि जिले को देश के अग्रणी रेशम उत्पादक जिलों में शामिल किया जा सके।

सहायक संचालक रेशम श्री बालभद्र सिंह भण्डारी ने सभी केंद्र प्रभारियों से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तसर एवं शहतूत रेशमकीट पालन की आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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बैठक में जिले के विभिन्न रेशम केंद्रों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में रेशमकीट पालक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में करतला केंद्र के प्रभारी श्री टी.पी. हंस ने केन्द्रीय रेशम बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को अभियान की सफलता के लिए सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।

खास बात

MRMA 2.0 अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ।

100 दिनों तक प्रशिक्षण, जागरूकता और तकनीकी कार्यक्रम।

कोरबा के लिए 5 वर्षीय रेशम विकास कार्ययोजना बनेगी।

लक्ष्य – किसानों की आय बढ़ाना और कोरबा को अग्रणी रेशम जिला बनाना।

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