पंडवानी सम्राज्ञी पद्मविभूषण तीजन बाई का निधन; गनियारी में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़ की माटी के गौरव और पंडवानी लोकगायन को सात समंदर पार पहचान दिलाने वाली पद्मविभूषण तीजन बाई का रविवार तड़के 3:15 बजे निधन हो गया। उनके अवसान से कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। इस कालजयी कलाकार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव, दुर्ग जिले के गनियारी में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

🌟 कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

पंडवानी की ‘कापालिक शैली’ को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने वाली तीजन बाई का जाना भारतीय लोककला के एक स्वर्णिम युग का अंत है। एक साधारण पारधी परिवार में जन्मी तीजन बाई की जीवन-यात्रा साहस, कड़े संघर्ष और कला के प्रति अटूट समर्पण की एक प्रेरक महागाथा है।

📌 मुख्य बिंदु:

अंतिम संस्कार: दुर्ग जिले के पैतृक गांव गनियारी में, पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ।

वैश्विक पहचान: तंबूरे की झंकार से भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया।

अदम्य साहस: संघर्षों की भट्टी में तपकर एक साधारण पृष्ठभूमि से विश्व पटल तक का सफर तय किया।

“तंबूरे की तान और बुलंद आवाज से महाभारत की कथाओं को जीवंत करने वाली तीजन बाई भले ही हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन लोककला के इतिहास में उनका नाम हमेशा अमर रहेगा।”

Live Cricket Info

प्रखर भूमि's avatar
About प्रखर भूमि 341 Articles
प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.