छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन (सीएसआइडीसी) में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दो सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अधिकारियों को संविदा नियुक्ति देने का बड़ा मामला सामने आया है। इस मनमानी कार्रवाई के बाद सीएसआइडीसी विवादों के घेरे में आ गया है।
एमडी पर मनमानी का आरोप
बिना अनुमति जारी किया आदेश: आरोप है कि सीएसआइडीसी के प्रबंध संचालक (एमडी) विश्वेश कुमार ने राज्य शासन और सामान्य प्रशासन विभाग के अनिवार्य नियमों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने शासन की अनुमति मिलने की ‘प्रत्याशा’ (उम्मीद) में खुद ही दोनों रिटायर्ड अफसरों की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया।
अंधेरे में रहे जिम्मेदार: इस पूरे फैसले को लेकर न तो राज्य शासन से कोई लिखित अनुमति ली गई और न ही इस संवेदनशील विषय पर विभागीय मंत्री को भरोसे में लिया गया।
नियमों का सीधा उल्लंघन
छत्तीसगढ़ में सरकारी या अर्ध-शासकीय विभागों में किसी भी सेवानिवृत्त अधिकारी को संविदा पर रखने के लिए राज्य शासन और वित्त विभाग की मंजूरी बेहद जरूरी होती है। लेकिन इस मामले में उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना ही सीधे आदेश थमा दिए गए, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
इस गंभीर चूक के सामने आने के बाद अब सीएसआइडीसी के इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं और आने वाले दिनों में इस पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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