कोरबा 5 बड़े काष्ठ तस्करों के ठिकानों पर वन विभाग की दबिश, 306 नग अवैध चिरान जब्त

कोरबा। कोरबा वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र लेमरू के ग्राम लेमरू और कुटुरूवां में अवैध रूप से बड़ी मात्रा में काष्ठ चिरान के भंडारण की सूचना मिलने पर वन विभाग ने मेगा सर्च ऑपरेशन चलाते हुए पांच संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कुल 306 नग अवैध चिरान जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव, उपवनमंडलाधिकारी उत्तर कोरबा रामसिंह राठिया एवं उपवनमंडलाधिकारी दक्षिण कोरबा सूर्यकांत सोनी के निर्देशन में यह संयुक्त कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व वन परिक्षेत्राधिकारी लेमरू देवव्रत सिन्हा, बालको के जयंत सरकार, पसरखेत के देवदत्त खांडे तथा कुदमुरा की विक्रांता सिंह कंवर ने किया।

मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर सर्च वारंट जारी कर ग्राम लेमरू और कुटुरूवां के पांच घरों में वन अमले ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में साल, बीजा एवं अन्य मूल्यवान प्रजातियों के अवैध चिरान बरामद किए गए, जिन्हें नियमानुसार जब्त किया गया।

संयुक्त टीम ने दिनेश कुमार तंवर के घर से 2 नग साल चिरान (0.122 घनमीटर), सुरेश कुमार सिंह तंवर के घर से 68 नग साल चिरान (1.272 घनमीटर) तथा 2 नग कलमी प्रजाति के चिरान (0.123 घनमीटर) जब्त किए। वहीं, कुटुरूवां निवासी शिशुपाल देवांगन के घर से बीजा प्रजाति के 3 नग चिरान (0.042 घनमीटर) और साल प्रजाति के 231 नग चिरान (3.975 घनमीटर) बरामद किए गए।

  कोरबा: अमरनाथ कौशिक ने बनाया रिकॉर्ड, लगातार आठवीं बार कोषाध्यक्ष निर्वाचित

पूरे अभियान में कुल 5.534 घनमीटर काष्ठ चिरान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। कार्रवाई में थाना लेमरू पुलिस और वन विभाग के लगभग 30 अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

वन विभाग ने बताया कि मामले में वन अधिनियम एवं नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संयुक्त वन प्रबंधन समिति लेमरू के सदस्यों ने भी अभियान में सहयोग किया, वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है।

 

Live Cricket Info

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.