🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़🏙️ राज्य व शहर

Baludabajar News:– धान खरीदी की हकीकत उजागर, 124 क्विंटल धान कम, केंद्र प्रभारी पर एफआईआर

Baludabajar News:- धान खरीदी को लेकर सरकार भले ही पारदर्शिता के दावे करे, लेकिन ज़मीनी सच्चाई जब सामने आती है तो तस्वीर कुछ और ही दिखती है। बलौदाबाजार जिले में भौतिक सत्यापन के दौरान 124 क्विंटल से अधिक धान कम पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए धान खरीदी केंद्र प्रभारी पर एफआईआर दर्ज कराई है।

Advertisement Carousel

बलौदाबाजार।
जिले में धान खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। बिचौलियों और अनियमितताओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में उपार्जन केंद्र मनोहरा का भौतिक सत्यापन किया गया, जहां गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जानकारी के अनुसार 5 जनवरी को किए गए निरीक्षण के दौरान उपार्जन केंद्र मनोहरा में कुल 124.80 क्विंटल (313 बोरी) धान की कमी पाई गई। कम पाए गए धान की कीमत 2 लाख 95 हजार 651 रुपये 20 पैसे आंकी गई है। कागज़ों में धान मौजूद था, लेकिन गोदाम में नहीं—यही सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आया।

जांच में यह सामने आया कि धान उपार्जन केंद्र मनोहरा के खरीदी प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा द्वारा शासन की धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। आरोप है कि छलपूर्वक कृत्य कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए उपायुक्त सहकारिता के निर्देश पर 13 जनवरी 2026 को थाना हथबंद में ऋषि कुमार शर्मा के विरुद्ध अमानत में खयानत के आरोप में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

  अनुशासनहीन दो पुलिसकर्मियों की अलग-अलग जिलों में हुई बर्खास्तगी, शराब की तस्करी में शामिल आरक्षक मामला सामने आने के चंद दिनों में ही हुआ बर्खास्त

प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की हेराफेरी या अवैध गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में एक राइस मिलर पर भी इसी तरह की गड़बड़ी को लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

अब सवाल साफ है—
धान किसान का है, नुकसान शासन का और जिम्मेदारी किसकी?
प्रशासन का दावा है कि जवाबदेही तय होगी और दोषी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button