वायरल पत्र भ्रामक: धान खरीदी प्रति एकड़ 21 क्विंटल ही — अधिकारियों ने किया स्पष्ट

बैंक और राजस्व विभाग का स्पष्टीकरण: धान खरीदी नियमों में कोई बदलाव नहीं

बिलासपुर / हाल ही में कृषकों के बीच एक पत्र वायरल हो रहा है जिसने कृषकों को भ्रम की स्थिति में डाल दिया है और पत्र मे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा करगी रोड कोटा के पर्यवेक्षक और ब्रांच मैनेजर के सिलमोहर के साथ हस्ताक्षरित एक निर्देश वायरल हो रहा “जिसमें समिति को उत्पादकता /अनावरी रिपोर्ट के अनुसार प्रति एकड़ 14.98 क्विंटल धान खरीदने की बात कही जा रही है वहीं औसत उत्पादन से अधिक धान उत्पादन करने वाले कृषकों के टोकन पर टोकन दिनांक के पूर्व उनके धान के उत्पादन का जांच राजस्व पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी से करवाकर सत्यापित करवा कर ही धान खरीदने निर्देशित किया गया है साथ ही कहा गया है अनावरी रिपोर्ट से ज्यादा धान खरीदी करने पर भविष्य में होने वाली विभागीय कार्यवाही के लिए आप अर्थात समिति स्वयं जवाबदार होंगे”

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जिसके संबंध मे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर शाखा करगी रोड के पर्यवेक्षक से बातचीत की गई बेलगहना धान खरीदी केंद्र पर उपस्थित होकर पर्यवेक्षक के द्वारा जानकारी दी गई कि यह निर्देश हमारे आपसी चर्चा का विषय है संबंधित विषय पर समिति का ध्यान आकर्षण किया गया है ना की धान खरीदने का निर्देश।
साथ ही राजस्व विभाग बेलगहना से संबंधित विषय पर चर्चा की गई जिसमें नायब तहसीलदार बेलगहना ने बताया की इस तरह का कोई लिखित निर्देश अभी तक जारी नहीं हुआ है जो निर्देश खरीदी केंद्र मे चस्पा की गई थी उसे हटवा दिया गया है साथ ही शासन के निर्देशानुसार ही धान खरीदी किया जा रहा है अगर कोई भी निर्देश प्राप्त होता उसकी सूचना सभी को दी जाएगी।

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आज इसी बात को लेकर बेलगहना धान खरीदी केंद्र मे किसानों ने जिला सहकारी बैंक मर्यादित बिलासपुर शाखा कोटा के पर्यवेक्षक को घेरा और जोरदार हंगामा मचाया जिसकी सूचना मिलते ही किसानों की हितैषी कहे जाने वाले पूर्व क़ृषि उपज मंडी अध्यक्ष संदीप शुक्ला मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनी साथ ही पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की अगर सरकार की मंशा धान खरीदी करने की नहीं है तो किसानों को परेशान न करें कभी कैरी फारवर्ड को लेकर समस्या, कभी एग्रीस्टेक को लेकर समस्या तो कहीं कुछ किसानों का रकबा ही गायब हो रहा है जिसे जुड़वाने किसानों को पटवारी तहसील और मंडी कार्यालय के चक़्कर लगाना पड़ रहा है यह कोटा क्षेत्र के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं तो और क्या है अगर क्षेत्र के किसानों को परेशानी होती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसके जिम्मेदार शासन प्रशासन की होगी।

वहीं कृषक रामावतार पाण्डेय निवासी बेलगहना ने कहा की सत्यापन के लिए पटवारी कार्यालय के चक़्कर काटना पड़ता है मुलाकात नहीं हो पाती ऐसे मे सत्यापन कैसे होगा जबकि अभी लोगों का रकबा संसोधन मे ही राजस्व विभाग के पसीने छूट रहे हैं।

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