कोरबा में बवाल: ग्रामीणों ने SDM पर लगाया कॉलर पकड़ने और धमकी देने का आरोप; SDM बोले- ‘अभद्रता के बाद भी माँ के कहने पर छोड़ा’

कोरबा-पाली। कोरबा जिले के पाली अनुविभाग में एसईसीएल (SECL) एप्रोच रोड निर्माण के दौरान भारी हंगामा हो गया। ग्राम करतली के एक ग्रामीण पीताम्बर सिंह ने अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) रोहित कुमार सिंह पर पद के दुरुपयोग और मारपीट का गंभीर आरोप लगाते हुए पाली थाने और एसपी से शिकायत की है। दूसरी ओर, SDM ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्रामीण ने शासकीय कार्य में बाधा डाली और गाली-गलौज की, लेकिन उसकी वृद्ध माँ के आग्रह पर उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उसे बिना कार्रवाई के छोड़ दिया था।

ग्रामीण का आरोप: “SDM ने कॉलर पकड़ा और जिंदा गाड़ने की धमकी दी”

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शिकायतकर्ता पीताम्बर सिंह के अनुसार, 24 जून 2026 को ग्राम करतला में SECL एप्रोच रोड निर्माण के लिए प्रशासनिक अमला पहुँचा था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण से उनकी भूमि प्रभावित हो रही है, जिसका अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीण पहले मुआवजे की मांग कर रहे थे।

पीताम्बर सिंह ने शिकायत में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:

जबरन निर्माण: SDM रोहित कुमार ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के जबरन सड़क निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया।

मारपीट और धमकी: विरोध करने पर SDM ने कथित तौर पर उनका कॉलर पकड़ा, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और “जिंदा गाड़ देने” व “सात महीने के लिए जेल भेजने” की धमकी दी।

अवैध हिरासत: पद का दुरुपयोग कर पुलिस बल के माध्यम से उन्हें जबरन पाली थाने भिजवाया गया, जहाँ बिना किसी अपराध के शाम तक बैठाकर रखा गया।

पीताम्बर सिंह ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत SDM के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

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SDM का पक्ष: “अधिकारियों को दीं गालियाँ, फिर भी बुजुर्ग माँ के आग्रह पर बख्शा”

इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए SDM रोहित कुमार सिंह ने घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने रखी है। उन्होंने बताया कि वह तहसीलदार, पटवारी और थाना प्रभारी के साथ ग्रामीणों की जमीन संबंधी शिकायतों का निवारण करने पहुँचे थे। करीब 4 से 6 घंटे लगाकर जमीन की नापजोख की गई और ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान किया गया।

SDM द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

शासकीय कार्य में बाधा: जब पीतांबर सिंह की जमीन का मामला आया, तो वह अचानक आवेश में आ गया और अधिकारियों को SECL से जोड़कर सरेआम गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने लगा।

पुलिस को निर्देश: समझाइश के बाद भी जब वह शांत नहीं हुआ और शासकीय कार्य में बाधा डालने लगा, तब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपस्थित पुलिस बल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मानवता और माफी: शाम को कार्रवाई पूरी होने के बाद पीतांबर की वृद्ध माँ ने SDM से मुलाकात की और भावुक होकर कहा, “मेरे बेटे से नादानी में गलती हो गई है, आप भी मेरे बेटे समान हैं, उसे माफ कर दें।”

SDM रोहित कुमार सिंह का बयान: “बुजुर्ग माँ के आग्रह का सम्मान करते हुए मैंने मौके पर ही पाली टीआई को निर्देश दिए कि पीतांबर के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए और उसे छोड़ दिया जाए। उसके अमर्यादित आचरण पर कई गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला बन सकता था, लेकिन हमने इंसानियत दिखाई। अब पीठ पीछे लगाए जा रहे ये आरोप पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं।”

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