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Highcourt News:– आरटीई एक्ट के उल्लंघन को लेकर लगी जनहित याचिका को शिक्षा के अधिकार को लेकर चल रही याचिका में किया गया क्लब

Bilaspur Highcourt News:– आरटीई एक्ट के तहत लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे स्वीकार कर शिक्षा के अधिकार लेकर चल रही एक अन्य याचिका के साथ क्लब कर सुनने का निर्णय लिया है। मामले की अगली सुनवाई तीस जून को होगी।

Bilaspur बिलासपुर। निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर पेश जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इसे पूर्व से  शिक्षा के अधिकार को लेकर चले रहे केस के साथ क्लब किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई। मामले की अगली सुनवाई तीस जून को होगी।

रायपुर निवासी विकास तिवारी ने कृष्णा पब्लिक स्कूल वाली स्कूलों के बारे में शासन को यह शिकायत की थी कि यह लोग अपने मुख्य स्कूल के लिए सीबीएसई और राज्य शासन से एप्लीकेशन ले लेते हैं और कई स्थानों पर नाम में कुछ बदलाव कर बहुत सारी ब्रांच शुरू कर देते हैं इस तरह से शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में बताया गया है कि इस तरह की स्कूलों में किराए का भवन होता है, इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा नहीं होता है इन्हें हर स्कूल है 25% गरीब बच्चों को पढ़ना पड़ेगा  एनसीईआरटी और शासन की किताबें चलानी पड़ेगी पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता। जिसके खिलाफ रायपुर निवासी विकास तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी।

शासन की तरफ से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता खड़े हुए और शासन के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए। जबकि याचिकाकर्ता विकास तिवारी की तरफ से अधिवक्ता संदीप दुबे ने तर्क प्रस्तुत किया।

महाधिवक्ता ने याचिका खारिज करने के लिये तर्क दिया कि विकास तिवारी पर एफआईआर दर्ज है जिसमें धारा 452,294,34 लगा है और वे निजी दुश्मनी के तहत कृष्णा पब्लिक स्कूल को ही निशाना बना रहे है।

इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संदीप दुबे ने तर्क रखा कि विकास तिवारी ने कृष्णा पब्लिक स्कूल के अनियमितताओ की शिकायत जनवरी 2024 में शिक्षा विभाग में कि और कृष्णा पब्लिक स्कूल द्वारा ही जून 2024 में विकास तिवारी के विरुद्ध उक्त प्रकरण को दर्ज करवाया गया है। जिस पर अदालत ने भी इस तर्क पर संज्ञान लिया कि याचिकाकर्ता के द्वारा शिकायत करने के 6 माह बाद उक्त स्कूल प्रबंधन ने एफआईआर दर्ज करवाई है।

लगभग एक घंटे तक दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क को सुनने के बाद माननीय मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट ने मेरी जनहित याचिका को स्वीकार कर शिक्षा के अधिकार को लेकर चल रही याचिका के साथ संलग्न करके अगली तिथि 30 जून को सुनवाई हेतु निर्धारित की है।

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