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पाली में नाली बनी मुसीबत

कोरबा। नगर पंचायत पाली के बायपास मुख्यमार्ग, पत्ता गोदाम के पास घरों, दुकानों में बरसाती जलभराव से निजात दिलाने के लिए शुरू किया गया 105.32 लाख रुपये का पुल एवं नाली निर्माण कार्य में नाली निर्माण अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। जिला खनिज संस्थान न्यास से स्वीकृत इस काम मे पुल तो बन गया लेकिन नाली निर्माण की गति इतनी धीमी है कि जिसे देखकर कछुआ भी शायद शरमा जाए। नतीजा यह कि 2 महीने से खुदे गड्ढे और अधूरे निर्माण से दुकाने ठप और घरों में कैद जैसी स्थिति है।

उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत पाली के बायपास मुख्यमार्ग के किमी. 3/8 में हो रहे जलभराव के निकासी हेतु मुख्यमार्ग पर पुल एवं लंबी नाली निर्माण का कार्य गत मई में प्रारंभ हुआ। इसमे पुल तो बनकर तैयार हो गया लेकिन नाली निर्माण का काम 50 फीसदी ही हुआ है जबकि आधी नाली के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दिये गए है। दुकानों और घरों के सामने नाली के लिए खोदे गए गड्ढे पर 2 महीने से ढलाई कार्य अधूरे होने के कारण ग्राहक दुकानों तक नही पहुँच पा रहे और दुकानदारों के रोज का कारोबार ठप है। घरों के सामने खुदाई से बुजुर्ग, बच्चों और मरीजों को निकालना मुश्किल हो गया है। निर्माण की इस बेहद धीमी गति पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल ने कड़ी नाराजगी जताई है और उन्होंने लोक निर्माण विभाग के एसडीओ व ठेकेदार को काम मे तेजी लाने कहा है। उनका कहना है कि नाली निर्माण के कछुआ से भी धीमे चाल के कारण निर्माण स्थल के आसपास व्यापारी और आम नागरिक परेशान हैं।

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अगर कार्य गति इसी तरह धीमी रही तो हम खोदे गए गड्ढे में मिट्टी पटवाकर काम बंद करा देंगे। फिर इसकी पूरी जवाबदारी लोकनिर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार की होगी। नपं. अध्यक्ष श्री जायसवाल ने कलेक्टर का भी ध्यान इस ओर आकर्षित कराते कहा है कि वे निर्माण कार्य मे गति लाने के लिए संबंधित विभाग और ठेकेदार को निर्देशित करें। 105.32 लाख की योजना जनता की सुविधा के लिए है, परेशानी के लिए नहीं। ऐसे में कार्य गति को देखते हुए नपं. अध्यक्ष की नाराजगी स्वाभाविक है।

क्योंकि मई से अगस्त तक सिर्फ 50′ नाली बनना सीधे तौर पर ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। यदि करोड़ो की राशि से बनी योजना समय पर पूर्ण न होकर जनता को ही परेशान करे तो इसे विकास नही, विकास का मजाक कहा जा सकता है।

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