✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
कोरबाछत्तीसगढ़प्रेरणाराजकाजसुरक्षा

सेवा संकल्प अभियान- पुश्तैनी आशियाने को मिली कानूनी पहचान, स्वामित्व योजना से देवनाथ का बढ़ा आत्मविश्वास

पुश्तैनी आशियाने को मिली कानूनी पहचान, स्वामित्व योजना से देवनाथ का बढ़ा आत्मविश्वास

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

कोरबा, 17 सितंबर 2026/ किसी व्यक्ति के लिए उसका घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, यादों और परिवार की पहचान से जुड़ा होता है। लेकिन जब वर्षों से जिस जमीन पर परिवार रह रहा हो, उसके स्वामित्व का कोई आधिकारिक दस्तावेज न हो, तो मन में असुरक्षा बनी रहती है। कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अंतर्गत ग्राम राल् निवासी देवनाथ भी लंबे समय तक ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे थे।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

देवनाथ का मकान आबादी भूमि पर स्थित था। परिवार लंबे समय से वहां निवास कर रहा था, लेकिन उनके पास संपत्ति के स्वामित्व को प्रमाणित करने वाला आधिकारिक अभिलेख नहीं था। जमीन की सीमाओं और स्वामित्व को लेकर स्पष्ट दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की चिंता बनी रहती थी।

ड्रोन सर्वे से हुआ सटीक सीमांकन
ग्रामीण आबादी भूमि से जुड़े ऐसे मामलों के समाधान के लिए स्वामित्व योजना के तहत आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। ग्राम राल् में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वे और मैपिंग की गई। इससे मकानों और भूमि की वास्तविक स्थिति का सटीक निर्धारण करने में मदद मिली।

सर्वेक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद देवनाथ को उनकी संपत्ति से संबंधित भूमि अधिकार अभिलेख (प्रॉपर्टी कार्ड) प्राप्त हुआ। यह दस्तावेज उनके लिए केवल एक कागज नहीं, बल्कि वर्षों से जिस आशियाने में उनका परिवार रह रहा था, उसकी आधिकारिक पहचान और अधिकार का प्रमाण बन गया।

अब अपने घर को लेकर मन में नहीं है असुरक्षा
अधिकार अभिलेख मिलने के बाद देवनाथ के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव उनके मन में आया आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना है। अब उनके पास अपनी संपत्ति से संबंधित आधिकारिक अभिलेख है, जिससे भूमि की पहचान और सीमाओं को लेकर स्पष्टता मिली है।

  2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं में तैयार होगी विकसित ग्राम पंचायत योजना

देवनाथ कहते हैं…

‘‘मेरा नाम देवनाथ है। मैं ग्राम राल, तहसील कटघोरा का निवासी हूं। मेरा मकान आबादी भूमि पर बना है। मुझे स्वामित्व योजना के माध्यम से इस भूमि का स्वामित्व मिला है और अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।‘‘

स्वामित्व से सम्मान और सुरक्षा का एहसास

स्वामित्व योजना के माध्यम से मिला भूमि अधिकार अभिलेख देवनाथ के लिए वर्षों की अनिश्चितता को दूर करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हुआ है। संपत्ति की पहचान और अधिकार अभिलेख मिलने से उन्हें अपने घर और भूमि को लेकर अधिक सुरक्षा और आत्मविश्वास का अनुभव हो रहा है।

आज देवनाथ अपने परिवार के साथ उसी आशियाने में अधिक विश्वास और सुकून के साथ जीवन बिता रहे हैं। स्वामित्व योजना ने उनके पुश्तैनी आशियाने को केवल रहने की जगह से आगे बढ़ाकर अधिकार और पहचान से जोड़ दिया है।

योजना का प्रभाव

स्वामित्व योजना के माध्यम से आबादी भूमि का सर्वेक्षण, सीमांकन और अधिकार अभिलेख प्रदान किए जाने से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति की स्पष्ट पहचान प्राप्त हो रही है। इससे संपत्ति संबंधी अभिलेखों की उपलब्धता बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवारों में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत हो रही है।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button