अपराधकानूनकोरबाछत्तीसगढ़राजकाजसंगठनसड़क सुरक्षासमस्या

कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर घंटों जाम, एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद

कोरबा, 14 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नेशनल हाईवे-130 पर मदनपुर घाट के पास ट्रेलर दुर्घटना के बाद लगे लंबे जाम को लेकर पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया है। पुलिस का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने जाम हटाने और यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 222ए के तहत कटघोरा न्यायालय में परिवाद पेश किया गया है।

Advertisement Carousel
R.O. No. : 13952/ 36

पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 2.30 बजे बांगो थाना क्षेत्र के मोरगा चौकी अंतर्गत मदनपुर घाट में नेशनल हाईवे-130 पर एक ट्रेलर खराब होकर खड़ा था। ट्रेलर क्रमांक ब्ळ10ठै5980 तारा घाटी से कटघोरा की ओर आ रहा था। इसी दौरान तारा घाटी से अंबिकापुर की ओर जा रहे दूसरे ट्रेलर क्रमांक सीजी 10 बीएस 9436 के चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए सड़क पर खड़े खराब ट्रेलर को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जाम के कारण बसों में सफर कर रहे यात्रियों के साथ-साथ एंबुलेंस से उपचार के लिए जा रहे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए निकले यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को भी लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, जाम की स्थिति से निपटने के लिए बांगो थाना और मोरगा चौकी का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। हाईवे पेट्रोलिंग और 112 की टीम के सहयोग से यातायात बहाल करने का प्रयास किया गया।

  अग्रसेन गौ-धाम कनबेरी में धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी

पुलिस का कहना है कि जाम हटाने में सहयोग के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी, लेकिन तत्काल प्रभावी प्रतिक्रिया नहीं मिली। आरोप है कि कई घंटे तक यात्रियों को परेशानी होती रही और जाम के समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। इसी आधार पर पुलिस ने एनएचएआई के अधिकारियों पर अपने दायित्वों के निर्वहन में सहायता नहीं करने का आरोप लगाते हुए कटघोरा न्यायालय में ठछै की धारा 222ए के तहत परिवाद दायर किया है।

पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात बहाल करने जैसे कार्यों में संबंधित एजेंसियों का सहयोग जरूरी है। पुलिस के अनुसार, भविष्य में भी यदि एनएचएआई या अन्य एजेंसियों के लोक सेवक अपने दायित्वों के तहत आवश्यक सहायता नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button