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CG:– दागी को डीईओ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बना दिया था बीईओ, न्यायधानी में खबर प्रकाशित होते ही सरकार ने संज्ञान ले हटाया

Janjgir जांजगीर। जांजगीर जिले के नवागढ़ ब्लाक में बीईओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दागी महेंद्र धर दीवान को बीईओ बना दिया था। महेंद्र धर दीवान के खिलाफ 2 करोड़ 30 लाख रुपए के भुगतान में गड़बड़ी करने पर एफआईआर दर्ज है। इसके अलावा युक्तियुक्तकरण में धांधली करने पर उन्हें निलंबित भी किया गया था। बावजूद इसके उन्हें बीईओ बनाकर डीईओ ने उपकृत कर दिया था। इसकी खबर प्रमुखता से न्यायधानी में प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही राज्य सरकार ने इसे संज्ञान में लेकर दागी बीईओ महेंद्र धर दीवान को हटाते हुए अशोक कुमार पाटले को नया विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।

महेंद्र धर दीवान प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर विकासखंड पामगढ़ को नवागढ़ का ब्लॉक का बीईओ बना दिया गया था। डीईओ जांजगीर ने सात जनवरी को आदेश जारी कर महेंद्रधर दीवान को नवागढ़ बीईओ बनाया गया था। उनसे पहले नवागढ़ के बीईओ का अन्य जिले में डीईओ बन कर स्थानांतरण के बाद यहां बीईओ का प्रभार एबीईओ देख रहे थे। उनकी जगह महेंद्र धर दीवान को नवागढ़ विकासखंड का प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया था। इसके साथ ही उन्हें आगामी आदेश पर्यंत वित्तीय प्रभार के साथ ही साथ प्रशासनिक कार्यों का सुचारू रूप से संचालन का दायित्व सौंपा गया था।

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हुई थी फर्जीवाड़े और फर्जी हस्ताक्षर में एफआईआर:–

वर्ष 2016 में महेंद्रधर दीवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। तब राजीव गांधी शिक्षा मिशन में महेंद्र धर दीवान मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ थे। वहां ठेकेदार राजेश अग्रवाल को 2 सितंबर 2015 को 2 करोड़ 30 लाख रुपए के अनियमित भुगतान के मामले में उन पर एफआईआर की गई थी। उक्त प्रकरण में समन्वयक प्रमोद आदित्य,विनोद कुमार शर्मा,शेख रफीक,विवेक यादव,पंकज विक्रम को भी ठेकेदार सहित दोषी होना पाया गया। प्रकरण की जांच अपर कलेक्टर द्वारा की गई थी। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर महेंद्र धर दीवान, प्रमोद आदित्य तथा उनके कार्यालय में कार्यरत एपीसी विनोद कुमार शर्मा ऑपरेटर शेख रफीक,विवेक यादव एवं पंकज विक्रम ने मिलकर तत्कालीन कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जांजगीरचांपा का हस्ताक्षर नोटशीट में स्कैन कर आपस में मिलीभगत कर फर्जी ढंग से ठेकेदार राजेश अग्रवाल को भुगतान कर दिया।

जिला मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन के द्वारा स्कूलों के विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जिला जांजगीर चंपा को कार्य एजेंसी बनाया गया था कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर को 501 शाला भवनों के विद्युतीकरण के लिए राशि उपलब्ध करवाई गई थी। जिसमें से 349 शाला भवनों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करवाया गया। सक्ती के 43 शाला भवनों में बार बार नोटिस देने के बावजूद भी ठेकेदार ने कार्य पूर्ण नहीं करवाया। विकासखंड जैजैपुर के 57 स्कूलों में करवाए गए कार्यों में कई स्कूलों में गुणवत्ताहीन कार्य करवाए गए थे जिसे सुधार नहीं करवाया गया। शेष कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण 100 भवनों में विद्युतीकरण की राशि तीस लाख वापस किया गया। विभिन्न विकासखंड के 52 शाला भवनों में विद्युतीकरण करवाए जाने के उपर्युक्त स्थिति यथा भवन नहीं होना,पूर्व में विद्युतीकरण होना एवं जर्जर भवन होना इत्यादि के कारण से 15 लाख 60 हजार रूपये वापिस की गई। इस प्रकार विभाग द्वारा राजीव गांधी शिक्षा मिशन को 152 शाला भवनों की कुल 45 लाख 60 हजार रुपए राशि वापस की गई। कार्य निरस्तीकरण की सूचना भी ठेकेदार को दे दी गई थी।

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बावजूद इसके ठेकेदार ने कार्य करके बिल जमा कर दिया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के सब इंजीनियर ने भी इसका मूल्यांकन कर दिया। इसके बाद जिला मिशन समन्वयक के पद पर पदस्थ महेंद्रधर दीवान और उनके ऑपरेटर तथा स्टाफ ने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के हस्ताक्षर स्कैन कर ठेकेदार को भुगतान हेतु चेक जारी करवा दिया। अपर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ कार्यालय के द्वारा जांजगीर कोतवाली थाने में प्रमोद कुमार आदित्य,महेन्द्र धर दीवान,विनोद शर्मा, शेख रफीक, विवेक यादव, पंकज विक्रम,राजेश अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।

रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में एफआईआर क्रमांक 519/16 धारा 120 बी,34,420,409 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जिसमें महेंद्रधर दीवान ने गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।

युक्तियुक्तकरण में हुए थे निलंबित:–:

महेंद्रधर दीवान को बम्हनीडीह विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते संभाग आयुक्त सुनील जैन ने जून 2025 को निलंबित कर दिया था। उन्हें युक्तियुक्तकरण में धांधली करने पर निलंबित किया गया था। दो माह बाद अगस्त 2025 को निलंबन से बहाली के साथ ही उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसीर विकासखंड पामगढ़ में प्राचार्य के पद पर पदस्थापना दी गई थी।

अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया तबादला:–

बीईओ की पोस्टिंग का अधिकार राज्य सरकार का होता है। स्कूल शिक्षा विभाग बीईओ की पोस्टिंग करता है। पर पर डीईओ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बीईओ की पदस्थापना कर डाली। दागी को बीईओ बनाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप उन पर लग रहा है। इसके अलावा डीईओ अशोक सिन्हा पर सहायक ग्रेड तीन से सहायक ग्रेड दो की पदोन्नति उपरांत काउंसलिंग की बजाय सीधे पदोन्नति देने और शासन के अटैचमेंट नहीं देने के निर्देशों के खिलाफ दो व्याख्याताओं को अटैचमेंट देने के भी शिकायत है।

राज्य शासन ने हटाया:–

राज्य शासन द्वारा अशोक कुमार पाटले,प्राचार्य ,स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय डोंगरी,विकासखंड,कटघोरा,जिला कोरबा की सेवाएं प्रति व्यक्ति से वापस लेते हुए प्रशासनिक आधार पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ जिला जांजगीर चंपा के पद पर पदस्थ किया गया है।

यह प्रकरण केवल एक नियुक्ति का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल है। आरोपों से घिरे अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया पर अब पारदर्शिता लेकिन यह शिक्षा विभाग के भीतर जवाबदेही और निर्णय प्रक्रिया पर लंबी बहस छोड़ गया है।

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