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Bilaspur police News:– अब नशाखोरों और अड्डेबाजों पर रहेगी तीसरी आंख की नजर, ड्रोन से निगरानी कर वारदात से पहले बदमाशों की हो रही धरपकड़

Bilaspur police News:– बदमाशों पर कार्यवाही के लिए अब बिलासपुर पुलिस तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। जिसके तहत मैन्युअल पुलिसिंग के अलावा ड्रोन सिस्टम के माध्यम से क्षेत्र के बदमाशों और अपराधी घटनाओं की निगरानी की जा रही है। जिसके चलते किसी घटना के होने से पहले ही बदमाशों पर कार्यवाही कर घटनाओं पर लगाम लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस ने 15 संदिग्धों के खिलाफ कार्यवाही की है।

Bilaspur बिलासपुर। शहर के सिरगिट्टी और सरकंडा क्षेत्र में पुलिस ड्रोन से बदमाशों के गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने व्यापार मेले में ड्रोन के माध्यम से नजर रख रही थी। साथ ही सिरगिट्टी क्षेत्र में बदमाशों पर नजर रखकर 15 लोगों पर कार्रवाई की गई है। अब शहर के हर थाना क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से बदमाशों पर नजर रखी जाएगी।
एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह ने बदमाशों पर नकेल कसने संदिग्ध क्षेत्र में ड्रोन से नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में सरकंडा के साइंस कालेज में चल रहे व्यापार मेले में बदमाशों पर ड्रोन से नजर रखी गई। ड्रोन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम ने तत्काल संदिग्धों पर कार्रवाई की। इसी तरह सिरगिट्टी क्षेत्र में बदमाशों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग किया। इस दौरान पुलिस ने 15 लोगों को अलग-अलग जगहों से पकड़ लिया। युवकों के खिलाफ पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

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बदमाशों को दी गई चेतावनी
पुलिस की ओर से बदमाशों को पकड़कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में सक्रिय बदमाशों को अपराधिक गतिविधियों को छोड़कर काम करने की समझाइश दी है। अपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। एएसपी ने बताया कि अब शहर के हर क्षेत्र में ड्रोन से संदिग्धों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।बीट अधिकारी करेंगे निगरानी

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर बीट प्रणाली के अंतर्गत बीट अधिकारी अपनेअपने क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और किरायेदारों की जानकारी नियमित रूप से संधारित करेंगे। अपने क्षेत्र के लोगों से सतत संवाद स्थापित कर प्रारंभिक सूचना संकलन, अपराध की पूर्व पहचान एवं समय रहते रोकथाम सुनिश्चित की जाएगी।

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पेट्रोलिंग बाइक में लगाए गए जीपीएस
शहर के हर बीट को आवंटित मोटर साइकिल में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। इससे बीट अधिकारियों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी और पुलिस की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी। जीपीएस आधारित निगरानी से त्वरित कार्रवाई, बेहतर नियंत्रण एवं जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बीट प्रणाली को सुदृढ़ रूप से लागू किया गया है। शहरी बीट क्षेत्रों में बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थान, स्लम बस्तियां, स्कूलकालेज, एटीएम, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थलों को शामिल किया गया है। वहीं ग्रामीण बीट प्रणाली के तहत तीन से छह ग्राम, खेतखलिहान, जलस्रोत, वन सीमा क्षेत्र, बंदोबस्त क्षेत्र और दुर्घटनाजन्य स्थानों की निगरानी की जाएगी।

हर बीट में छह आरक्षक करेंगे गश्त

बीट व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक बीट क्षेत्र में छह आरक्षकों की तैनाती की गई है। ये आरक्षक प्रतिदिन तीन शिफ्ट में गश्त और निगरानी करेंगे। रात्र के समय गश्त को सुदृढ़ करते हुए रात 12 बजे से सुबह चार बजे के बीच गहन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बीट अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नशा, जुआसट्टा, चोरी, नकबजनी, छेड़छाड़ एवं गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई करें। नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर इसके नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। हिस्ट्रीशीटरों, संदिग्ध व्यक्तियों और बाहर से आए लोगों पर सतत निगरानी रखी जाएगी।

जनप्रतिनिधियों नागरिकों से सीधा संवाद

बीट अधिकारी अपने क्षेत्र के नागरिकों, दुकानदारों, चौकीदारों, सरपंच, कोटवार, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से निरंतर संपर्क बनाए रखेंगे। जमीन विवाद, पारिवारिक विवाद एवं सामुदायिक रूप से संवेदनशील मामलों की समय रहते जानकारी जुटाकर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक बीट में बीट रजिस्टर और बीट डायरी का नियमित संधारण अनिवार्य किया गया है। अपराध मानचित्रण, घटनाओं का विश्लेषण तथा प्रमुख स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। इससे पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाया जा सकेगा।

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