Soumya Chursyia arrest:– ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया को इस मामले में किया गिरफ्तार, विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर भेजो 10 दिन की रिमांड पर

Soumya Chursyia arrest:–ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। दर्ज एफआईआर के अनुसार सौम्या ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों के नाम से 29 अचल संपत्तियां खरीदी है। मामले में रायपुर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट में सौम्या को गिरफ्तार करने के बाद आज विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर 10 दिन की न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।

Raipur रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अफसर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें गिरफ्तार किया है। बता दे ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ जुलाई माह में आए से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जिसमें आज गिरफ्तारी कर विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश कर उन्हें 10 दिन की न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।

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सौम्या चौरसिया राज्य प्रशासनिक सेवा 2008 बैच की अफसर हैं। कांग्रेस सरकार में ताकतवर रही सौम्या चौरसिया तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रही थी। उस दौरान ईडी ने कोल लेवी वसूली मामले में अपराध दर्ज किया था। आरोप है कि एक सिंडिकेट बनाकर कोल व्यापारियों से वसूली की जाती थी। इसके लिए वर्ष 2020 में माइनिंग विभाग के निदेशक रहे आईएएस समीर विश्नोई ने ऑनलाइन से ऑफलाइन पीट पास लेने का नियम बना दिया था। आरोप है कि पूरे सिंडिकेट का संचालन सूर्यकांत तिवारी अफसरों की मदद से करता था। सूर्यकांत इस सिंडिकेट का किंगपिन था। उसे यह असीमित शक्ति सौम्या चौरसिया से मिलती थी। कोल कारोबारियों से 25 रुपए प्रति टन वसूली की जाती थी। जो व्यापारी पैसे नहीं देता था उसका पीट पास जारी नहीं किया जाता था। जो व्यापारी सूर्यकांत के दफ्तर में रकम जमा करता था फिर जिसे वहां से इशारा होता था उसे ही कोल परिवहन हेतु पीट पास जारी किए जाते थे।

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आरोप है कि इस तरह से 540 करोड़ रुपए वसूले गए थे। इस मामले में ईडी ने अपराध दर्ज कर समीर विश्नोई को अक्टूबर 2022 में तथा दिसंबर 2022 में सौम्या चौरसिया को जेल भेजा था। ईडी की जांच के आधार पर ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। जुलाई 2024 में दर्ज एफआईआर के अनुसार सोमेश चौरसिया को अक्टूबर 2022 तक वेतन और अन्य भत्ते के रूप में 85 लाख 50 हजार रुपए मिले हैं। जबकि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम 29 अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। जिसकी कीमत लगभग 9 करोड़ 22 लाख रुपए है। जुलाई में दर्ज एफआईआर में आज सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद उन्हें विशेष न्यायाधीश आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर निधि शर्मा की अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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