आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान, पोर्टेबिलिटी क्लेम निपटाने में शानदार प्रदर्शन

रायपुर, 25 सितंबर 2026। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश को पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
Ro No. 13952/35
‘आरोग्य मंथन 2026’ में मिला सम्मान
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया। प्रदेश की ओर से आयुष्मान भारत योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने पुरस्कार ग्रहण किया।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक परेशानी के कारण प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक इलाज से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, अस्पतालों और योजना से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
दूसरे राज्यों में भी इलाज की सुविधा
आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें रोजगार या बेहतर इलाज के लिए अपने गृह राज्य से बाहर जाना पड़ता है। पात्र हितग्राही देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों के दूसरे राज्यों में इलाज लेने के बाद उनके क्लेम का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर निगरानी और समन्वय व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
क्लेम प्रोसेसिंग और तकनीकी निगरानी पर जोर
पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के समयबद्ध निराकरण के लिए क्लेम प्रोसेसिंग, तकनीकी निगरानी, अस्पतालों के साथ समन्वय और लंबित मामलों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य हितग्राहियों को उपचार के बाद योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया गौरव का विषय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को और मजबूत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
देशभर में लाखों हितग्राहियों को पोर्टेबिलिटी का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत देशभर में 29.05 लाख अंतर-राज्यीय अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए हैं।
यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले नागरिकों और गृह राज्य से बाहर उपचार की आवश्यकता वाले परिवारों के लिए उपयोगी है।
डिजिटल तकनीक से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
‘आरोग्य मंथन 2026’ में स्वास्थ्य आश्वासन और डिजिटल हेल्थ के अगले चरण को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और पोर्टेबिलिटी क्लेम्स के निराकरण की व्यवस्था को मिली महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

Live Cricket Info

