बरसती बूंदों के बीच बिरहोर बस्ती पहुँचे कलेक्टर, चौपाल में सुनीं उम्मीदों की आवाज़

विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच बैठकर जाना उनका दर्द, समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा, आजीविका से जोड़ने की भी बनाई कार्ययोजना

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कोरबा 06 अगस्त। तेज बारिश, कीचड़ भरे रास्ते और दुर्गम पहाड़ी इलाका… लेकिन इन सबके बीच कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम समेलीभांठा स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर बस्ती पहुँचे। बारिश की परवाह किए बिना उन्होंने गाँव के स्कूल और आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया तथा बिरहोर परिवारों के बीच एक कमरे में चौपाल लगाकर उनकी समस्याओं को आत्मीयता से सुना। अपने बीच कलेक्टर को पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर आश्चर्य, खुशी और उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी।

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चौपाल के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से आत्मीयता से कहा, मैं यह देखने आया हूँ कि आप सभी ठीक हैं या नहीं। यदि कोई परेशानी है तो बेझिझक बताइए, उसे दूर करना हमारी जिम्मेदारी है। शुरुआत में ग्रामीण संकोचवश कुछ नहीं बोले, लेकिन कलेक्टर के सहज और अपनत्व भरे व्यवहार ने उनकी झिझक तोड़ दी। इसके बाद एक-एक कर ग्रामीणों ने अपने मन की बातें रखीं।

ग्रामीणों ने गाँव में बिजली और पेयजल की समस्या, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत, स्कूल की बाउंड्रीवाल, मिडिल स्कूल की आवश्यकता तथा आवागमन के लिए पुल निर्माण की मांग रखी। भुडूपानी मोहल्ले के ग्रामीणों ने भी बिजली और पेयजल की समस्या से अवगत कराया। महिलाओं ने भी अपनी कठिनाइयों को खुलकर साझा किया।

ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने समेलीभांठा के स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत, पेयजल के लिए बोर और सोलर ड्यूल पम्प की व्यवस्था, विद्युत लाइन विस्तार कर विद्युतीकरण, स्कूल की बाउंड्रीवाल, तालाब एवं पुल निर्माण, स्कूल के पास लगे बिजली के खंभे को हटाने, खेत जोतने के लिए आधुनिक कृषि यंत्र प्रदान करने, भुडूपानी में पेयजल समस्या के समाधान तथा वहाँ के बच्चों को समेलीभांठा स्कूल तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा आधुनिक कृषि उपकरण की मांग पर भी आवश्यक पहल करने की बात कही।

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चौपाल के दौरान यह भी सामने आया कि बिरहोर परिवार बांस शिल्प में विशेष रुचि रखते हैं। इस पर कलेक्टर ने उन्हें बांस उपलब्ध कराने, टोकरी सहित अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए, ताकि बिरहोर परिवारों की आजीविका को नया आधार मिल सके।

ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अमिता राज ने भी गाँव की विभिन्न समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने सभी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बारिश से भीगे उस छोटे से कमरे में लगी चौपाल केवल समस्याएँ सुनने का मंच नहीं थी, बल्कि प्रशासन और विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और विकास के नए संवाद का सशक्त माध्यम बन गई। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, एसडीएम श्री मनोज बंजारे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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