तूता अतिक्रमण विवाद : सोशल मीडिया की खबरों पर NRDA का स्पष्टीकरण, कहा- लगातार शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई, बारिश में नहीं होगा विस्थापन

प्रेस विज्ञप्ति के साथ सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों और हाईकोर्ट आदेश से जुड़े दस्तावेज भी किए जारी

रायपुर। ग्राम तूता में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में चल रही खबरों के बीच नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने अपना आधिकारिक पक्ष जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई किसी एक दिन में नहीं की गई, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों, राजस्व प्रक्रिया और न्यायालयीन आदेशों के परिप्रेक्ष्य में नियमानुसार आगे बढ़ाई गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी प्रकार की विस्थापन कार्रवाई नहीं की जाएगी।

प्राधिकरण बोला- सोशल मीडिया की खबरों से भ्रम की स्थिति

जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ग्राम तूता में अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर प्रकाशित खबरों से ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। इसलिए वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। प्राधिकरण के अनुसार उसे लंबे समय से इस भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिनके परीक्षण के बाद नियमानुसार कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए।

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2 जुलाई को ग्रामीण प्रतिनिधियों से हुई बैठक

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 2 जुलाई 2026 को ग्राम के प्रमुख प्रतिनिधियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की। बैठक में यह सहमति बनी कि सभी पक्षों के साथ पुनः बैठक कर आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर और पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेगा।

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बारिश में कार्रवाई नहीं, लेकिन शिकायतों का लंबा रिकॉर्ड

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वर्षा ऋतु में विस्थापन संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वहीं प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न दस्तावेज बताते हैं कि वर्षों से अलग-अलग व्यक्तियों और ग्राम पंचायत की ओर से सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण, निजी भूमि तक रास्ता अवरुद्ध होने तथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि को मुक्त कराने की मांग लगातार उठाई जाती रही है।

हाईकोर्ट आदेश और शिकायत आवेदन भी संलग्न

प्रेस विज्ञप्ति के साथ ऐसे आवेदन भी संलग्न किए गए हैं जिनमें निजी भूमि तक पहुंच का रास्ता शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के कारण बाधित होने का उल्लेख किया गया है। एक आवेदन में उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है, जबकि अन्य दस्तावेजों में वर्ष 2021 से लेकर 2026 तक किए गए शिकायत पत्र और ग्राम पंचायत के आवेदन भी शामिल हैं। इनमें खेल मैदान की भूमि सुरक्षित रखने और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने की मांग भी दर्ज है।

अब सबकी नजर अगली बैठक और प्रशासनिक निर्णय पर

तूता अतिक्रमण प्रकरण में प्राधिकरण के स्पष्टीकरण के बाद अब निगाहें प्रस्तावित बैठक और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। एक ओर प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई की बात कह रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित पक्षों को आगामी निर्णय का इंतजार है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के बीच इस विवाद का समाधान किस रूप में निकलता है।

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