भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए वेदांता समूह ने अपनी चार नव-डिमर्ज्ड (De-merged) कंपनियों को शेयर बाजार (BSE और NSE) पर लिस्ट कर दिया है। रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर और आयरन एंड स्टील जैसे प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ इतनी बड़ी लिस्टिंग का यह भारत का पहला ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
ये चारों कंपनियां आज से समूह की मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड के साथ एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गई हैं।
📈 शेयरधारकों को दमदार रिटर्न और आत्मनिर्भर भारत का विजन
लिस्टिंग समारोह के दौरान वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा:
“24 साल पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी। आज मुंबई से हमारा एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। पिछले 5 वर्षों में हमने शेयरधारकों को 300% से अधिक का रिटर्न दिया है, जो निफ्टी से लगभग 5 गुना ज्यादा है। साथ ही 70% से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी दिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य की एआई (AI) और एनर्जी ट्रांजिशन अर्थव्यवस्था में मेटल्स और ऊर्जा की मांग बढ़ेगी। ये नई कंपनियां भारत की आयात पर निर्भरता को कम कर देश को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।
🏢 चारों नई कंपनियों का पूरा ब्यौरा और भविष्य का प्लान
1. वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium)
स्टॉक कोड: BSE: 544780 | NSE: VAML
मौजूदा स्थिति: भारत की सबसे बड़ी और चीन के बाहर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी। ओडिशा के झारसुगुड़ा में इसका दुनिया का सबसे बड़ा स्मेल्टर है।
भविष्य का लक्ष्य: वर्तमान क्षमता 30 लाख टन प्रतिवर्ष है, जिसे अगले 3 सालों में बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना है। लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे कम लागत वाला उत्पादक बनना है।
2. वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil & Gas)
स्टॉक कोड: BSE: 382914 | NSE: VOGL
मौजूदा स्थिति: भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल और गैस उत्पादक कंपनी। यह पूरी तरह से ऋण-मुक्त (Debt-Free) कंपनी है।
भविष्य का लक्ष्य: अगले 3 से 5 वर्षों में 5 अरब अमेरिकी डॉलर (approx. $5 Billion) का निवेश कर उत्पादन को 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
3. वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron & Steel)
स्टॉक कोड: BSE: 544784 | NSE: VISL
मौजूदा स्थिति: यह भी एक ऋण-मुक्त और संसाधन-सुरक्षित बिजनेस है। इसके पास गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में 4 अरब टन आयरन ओर का मजबूत रिजर्व है।
भविष्य का लक्ष्य: वर्तमान क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष करने का रोडमैप है। कंपनी का मुख्य फोकस ग्रीन स्टील और स्पेशियलिटी स्टील पर रहेगा।
4. वेदांता पावर (Vedanta Power)
स्टॉक कोड: BSE: 544781 | NSE: VEDPOWER
मौजूदा स्थिति: 4.2 गीगावाट क्षमता के साथ भारत की 5वीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है।
भविष्य का लक्ष्य: अपनी क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट करने की योजना है। कंपनी भविष्य में कोयले के साथ-साथ न्यूक्लियर एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) के अवसरों पर भी काम करेगी।
💎 वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited): क्रिटिकल मिनरल्स का चैंपियन
इन चार कंपनियों के अलग होने के बाद भी मुख्य कंपनी ‘वेदांता लिमिटेड’ बाजार में देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक संसाधन कंपनी बनी रहेगी। इसके पोर्टफोलियो की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
हिंदुस्तान जिंक: इसके तहत दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी शामिल है। इसके साथ ही भारत की कृषि जरूरतों के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी लगाया जा रहा है।
निकेल (Nickel): वेदांता भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है, जो अपने उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने जा रही है।
कॉपर और फेरो क्रोम: कॉपर बिजनेस घरेलू आपूर्ति को मजबूत करेगा और फैकोर (FACOR) भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निष्कर्ष: वेदांता समूह का यह कदम निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने, हर बिजनेस पर विशेष फोकस बढ़ाने और भारत के औद्योगिक व बुनियादी विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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