कोरबा। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पण्डो जनजाति के कई परिवार अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इस समस्या को लेकर पण्डो समाज के प्रतिनिधियों ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।- जानकारी के अनुसार, कोरबा, पोड़ी उपरोड़ा और पाली विकासखंड के करीब 48 गांवों में लगभग 700 पण्डो परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 3500 है। यह जनजाति संरक्षित श्रेणी में शामिल होने के बावजूद अब तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं पा सकी है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
- समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों में पण्डो जनजाति को पीवीटीजी श्रेणी में शामिल करने, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की सीधी भर्ती में अवसर देने, मिसल बंदोबस्त के अभाव में ग्राम सभा के माध्यम से जाति व निवास प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल करने, छात्र-छात्राओं को छात्रावास में प्राथमिकता देने तथा जिनका आधार कार्ड नहीं बना है उनका पंजीयन कराने की मांग रखी।
- पण्डो जनजाति समाज कल्याण समिति, कोरबा के पदाधिकारियों ने इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने मामले में आवश्यक कदम उठाने और पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है।

कोरबा। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में निवासरत विशेष पण्डो जनजाति के कई परिवार अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इस समस्या को लेकर पण्डो समाज के प्रतिनिधियों ने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।